फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला सशिक्तकरण पर वक्ताओं ने दिया जोर, कहा, शिक्षा को अस्त्र बना आगे बढ़ें महिलाएं

Sun, 08 Mar 2015 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्व महिला दिवस पर आयोजित गोष्ठियों में वक्ताओं ने नारी को पुष्प, प्रकृति, सौंदर्य, आदर्श का प्रतीक बताया। वक्ताओं ने शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की नारी शिक्षा के अमोघ अस्त्र से सफलता की बुलंदियों पर समाज और देश का नाम रौशन कर रही है।
विज्ञापन


जिले भर में विभिन्न संगठनों ने नारी सशिक्तिकरण पर जोर देते हुए हर स्तर पर नारी उत्पीड़न बंद करने की मांग की। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने समाज को नारी के प्रति व्याप्त सोच को बदलने की गुजारिश की।

सिविल लाइंस एसोसिएशन के कार्यालय में मंडल प्रमुख सुनीता मिश्रा की मौजूदगी में महिला उत्थान, अधिकार और सम्मान पर चरचा हुई।

सलीम अहमद शास्त्री ने ‘बात हक-ओ-इंसान का खुलकर करेंगीं औरतें, अब अंधेरे में मशालें बन कर जलेंगी औरतें’ के साथ नारी सशक्तीकरण को सामने रखा। तरन्नुम ने ‘काम मुश्किल सही आसान बनाना होगा, हुशभनो तकबीर से इमकान बनाना होगा’ के जरिए महिलाओं को मुकाबला के लिए सामने आने की नसीहत दी।
विज्ञापन


प्रेम बहादुर ने नारी की निंदा न करने का पैगाम दिया तो एडवोकेट हयात अहमद ने स्त्री व पुरुष को एक गाड़ी के समान पहिए व हाजी रशीद अहमद ने नारी को नर से भारी करार दिया। साहित्यकार शिवशरण अंशुमाली ने नारी को पुष्प, प्रकृति, सौंदर्य और आदर्श बताते हुए समाज से इस जमात के प्रति नजरिया बदलने की गुजारिश की। एसोसिएशन ने साथी केपी सिंह के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की।

इस मौके पर इं. बीएम सिंह, शिव शरण सिंह चौहान, रीता सोनी, प्रकाश नारायण, जुगुल किशोर, मोहम्मद बाबर खान, शहजाद आलम, आरएन सिंह, तार बाबू, नंदलाल राजपूत मौजूद रहे। शार्प वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी बिंदकी ने नारी समाज को मजबूत बनाने पर जोर दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा कि समाज में नारी का बराबर का हक है।

अत्याचार बंद करने की अपील
जन जागरण जागरूकता समिति के सदस्यों ने रविवार को गोष्ठी का आयोजन किया।  संस्था के अनीत अग्रहरि ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि महिलाओं का सम्मान करे। इस मौके पर राजबहादुर सिंह, रमाशंकर त्रिपाठी, विनय दीक्षित, केडी यादव, अमन यादव, अमित गुप्ता आदि रहे। इसी प्रकार एग्रीकल्चर रिसर्च एंड रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी ने राधानगर के मलाका गांव में महिला उत्थान शसक्तीकरण पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। इस मौके पर राकेश यादव, राजीव मिश्रा आदि रहे।

नारी का सम्मान करना हमारा धर्म
में तहसीलदार सुरेंद्रपाल विश्वकर्मा ने कहा कि नारी का सम्मान करना हमारा धर्म है। उनकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना सभी का कर्तव्य है। इस मौके पर नायब तहसीलदार राजकुमार चौधरी, राजस्व निरीक्षक महेंद्रनाथ त्रिपाठी, राजेंद्र कुमार, शिवनारायण अग्निहोत्री, अश्वनी कुमार और भानचंद्र आदि राजस्व कर्मी मौजूद रहे।

सहनशीलता व अपनेपन
का ह्वास पतन की वजह
विश्व महिला दिवस पर रविवार को श्रीकृष्ण आदर्श विद्या मंदिर में विचार गोष्ठी हुई। जिसमें महिलाओं की सामाजिक स्थिति उजागर करने के साथ नारी समाज में कम हो रही सहनशीलता व अपनेपन की कमी को पतन की वजह बताया। कहा गया कि अब महिलाएं एक साथ रहना पसंद नहीं करती है, जिसके चलते परिवारों में अलगाव बढ़ा है।
इस शिक्षण संस्थान में कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती की वंदना से हुई। संस्था प्रमुख सीताराम यादव ने कहा कि एक महिला को शिक्षित करने से पूरा परिवार शिक्षित व जागरूक किया जा सकता है। कृष्णा देवी ने महिलाओं को आइना दिखाते हुए कहा कि आज के समय में पारिवारिक अलगाव की वजह भी महिलाएं ही हैं। कृष्ण कुमार विश्वकर्मा ने नारी को नर्सरी का पौध करार देते हुए कहा कि महिलाएं अपने अधिकार मांगें लेकिन खुद के कर्तव्यों को जेहन मेें रखते हुए।  गोष्ठी में मनीष कुमार यादव, चैतन्य कुमार, वकील अहमद, हरिपूजन सिंह, हेमन्त कुमार, जयओम, शैलेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।


शिक्षा में बेटियों को आगे बढ़ाएं
वैश्य एकता परिषद की राष्ट्रीय महासचिव सुनीता गु़प्ता ने कहा कि जब तक पुत्रियों को महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाकर अपने पैरों नहीं खड़ा करेंगी तब तक आगे आने वाली पीढ़ी का सशक्तीकरण नहीं हो पाएगा।
रविवार को तहसीलदार दूधनाथ यादव ने महिला दिवस पर एक सभा का आयोजन किया, जिसमें महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। यहां उर्मिला सोनी, कुसमा देवी, बबिता, रन्नो, गुड्डन, सरिता ओमर, शालिनी आदि ने कहा कि भारत की महिलाएं अन्य देशों की महिलाओं की अपेक्षा सबसे निचले पायदान पर हैं। इनके ऊपर पुरुष वर्ग हमेशा हावी रहा है और सरकारें भी इनके उत्थान के लिए बराबरी का दर्जा नहीं दे पा रही है। तहसीलदार दूधनाथ यादव ने कहा कि सरकारें महिलाओं के उत्थान व उनका हक दिलाने के लिए जननी सुरक्षा योजना, पति की मौत के बाद पुत्रों के साथ पत्नी का नाम भी अचल संपत्ति में दर्ज कराने के, उनके ऊपर होने वाले अत्याचारों मेें न्याय दिलाने को लेकर काम कर रही हैं। इस सभा में समाजसेवी लोकनाथ पांडेय, आरडी बाबू, आदि ने भी विचार व्यक्त किए सभा का कुशल संचालन लेखपाल संघ अघ्यक्ष रामसेवक यादव ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें