खागा। ऐरायां ब्लाक के उमरपुर गौती ग्राम सभा में कई दशकों तक प्रधानी की सीट एक ही परिवार के पास रही है। बीच में आरक्षण हुआ तो भी परिवार के समर्थक ही चुनाव जीतकर प्रधान बने।
गांव का यह परिवार निवर्तमान प्रधान मोहम्मद उमर का है। इनके बाबा वहाजउद्दीन वर्ष 1957 से 1990 तक गांव के प्रधान रहे। वह तीन बार निर्विरोध प्रधान चुने गए थे। उनके निधन के बाद 1990 में परिवार के उमर के बड़े अब्बा अनवार अहमद प्रधान चुने गए। इसके बाद गुलाब उद्दीन जो मोहम्मद उमर के पिता है। वह 1995 व 2000 में चुनाव जीतकर प्रधान निर्वाचित हुए थे। 2005 में सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हुई। तो मोहम्मद उमर के समर्थन पर गांव की रामरती प्रधान बनी। 2010 में सीट महिला के आरक्षित हो गई तो उमर मोहम्मद ने अपनी पत्नी फातिमा बीबी को प्रधान बनाकर परिवार का रुतबा कायम रखा। वर्ष 2015 में सीट अनारक्षित हुई तो मोहम्मद उमर खुद प्रधान चुने गए। 2021 में सीट पिछला वर्ग महिला के लिए आरक्षित हुई तो उमर परिवार की करीब जरीना बानो को चुनाव में उतारा गया और वह विजयी हुई। मोहम्मद उमर ने बताया कि उनके परिवार के लिए गांव के लोग सबसे सर्वोपरि रहे हैं। परिवार हर तरह से सबकी मदद करता आया आ रहा है और इसलिए लोग भी उन्हें हर बार सम्मान के साथ विजयी करते आ रहे हैं।