फतेहपुर। टास्कफोर्स की जांच में छह एडेड माध्यमिक स्कूलों का अस्तित्व खतरे में है। इन्होंने बार-बार चेतावनी के बाद भी मान्यता का तय मानक पूरा नहीं किया है। इनके अलावा रिपोर्ट में कई स्कूलों में खामियां भी मिली हैैं, यह भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
शासन के निर्देश पर डीएम ने जिले में टास्क फोर्स गठित कर सभी 72 एडेड माध्यमिक स्कूलों की वृहद जांच रिपोर्ट तैयार कराई है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक बिंदकी तहसील क्षेत्र में तीन, सदर में दो व खागा तहसील में एक
माध्यमिक विद्यालय चिन्हित हुआ है। यहां स्कूल की मान्यता के मानक के अनुरूप भवन नहीं हैं। ऐसे स्कूलों का अस्तित्व समाप्त करने की योजना है। इन स्कूलों का पद सृजन खत्म कर कार्यरत शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में
समायोजित करने की तैयारी हो रही है। इनके अलावा कई स्कूलों में 60 छात्र संख्या पर एक शिक्षक की नियुक्ति के मानक से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। ऐसे स्कूल में मानक से अधिक नियुक्त शिक्षक भी दूसरे स्कूलों में
समायोजित करने की योजना है। चार एडेड स्कूलों में खेल के मैदान नहीं हैं, जबकि खेल का मैदान मान्यता की शर्तों में शामिल है। पांच एडेड स्कूलों की प्रयोगशाला अत्यंत ही जीर्ण शीर्ण हालत में हैं। डीआईओएस कार्यालय में
टास्क फोर्स की रिपोर्ट संकलित की जा रही है। संकलित रिपोर्ट एक दो दिन में डीएम के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि ऐसे स्कूलों के 35 से 40 शिक्षकों के पद समाप्त भी हो सकते हैं या फिर उन्हें दूसरी जगह समायोजित किया जा सकता है।
डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा के नाम अनावश्यक खर्च रोकने के लिए शासन ने टास्कफोर्स गठित कर एडेड स्कूलों की जांच कराई है। कई स्कूलों के भवन मानक विहीन हैं, तो कई छात्र संख्या के अनुपात से शिक्षक अधिक कार्यरत हैं। रिपोर्ट डीएम स्तर से शासन को भेजी जाएगी।