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शिक्षकों ने किया प्रेरणा ऐप का विरोध, सीएम को भेजा ज्ञापन

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फोटो- 54- अमौली में प्रेरणा ऐप का विरोध करते शिक्षक।
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45- असोथर बीआरसी में खाली कुर्सी।
16- कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते शिक्षक।
हाजिरी का नया आदेश रास नहीं आ रहा, विरोध जारी
प्रेरणा एप एवं सेल्फी के विरोध में कलक्ट्रेट पहुंचे शिक्षक, ब्लाक स्तर पर भी हुआ विरोध
शिक्षक बोले, प्रेरणा ऐप पर काम कर पाना संभव नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। प्रेरणा एप एवं सेल्फी के माध्यम से प्रदेश के शिक्षकों की उपस्थिति संबंधी आदेश शिक्षकों को रास नहीं आ रहा है। इसका पूरे जिले में शिक्षकों ने विरोध कर आदेश वापस लेने की मांग की। शिक्षकों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्याओं के निराकरण की मांग की।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि प्रेरणा ऐप में कुछ त्रुटियां हैं जिससे शिक्षकों को दिक्कत हो रही है। इसलिए इसे वापस लिया जाए। इसके साथ ही शिक्षकों ने एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन बहाल करने, राज्य कर्मचारियों की भांति बेसिक परिषदीय शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने, शिक्षकों की बीमा राशि पांच लाख करने की मांग की। इस दौरान अखिलेश भदौरिया, निधान सिंह, नवनीत मिश्रा, इंद्रसेन, संतोष पटेल, रामदत्त शुक्ला आदि रहे।
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बकेवर प्रतिनिधि के अनुसार विकास खंड देवमई में प्रेरणा ऐप की शुरुआत की गई। यहां पर शिक्षकों की संख्या बहुत कम थी। सिर्फ एक दो शिक्षक ही मौजूद रहे। न्याय पंचायत वार 15 शिक्षकों का आना अनिवार्य था लेकिन आठ पंचायत से एक भी शिक्षक नहीं आए। मलवां प्रतिनिधि के अनुसार मलवा बीआरसी में खंड शिक्षा अधिकारी अनीता साह अकेली प्रेरणा ऐप देख रही थीं। कोई अध्यापक मौके पर मौजूद नहीं रहा। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षक संघ के विरोध होने के कारण कोई अध्यापक मौके पर प्रेरणा ऐप के लिए नहीं आए। अमौली प्रतिनिधि के अनुसार अमौली बीआरसी में प्रेरणा ऐप का शिक्षकों ने विरोध किया। सिर्फ 25 लोग ही प्र्रसारण देखने मौके पर पहुंचे। जिसमे ब्लाक के बीआरसी स्टाफ के अतिरिक्त अनुचरों का जुगाड़ कर 25 लोगों की भीड़ जुटा काम चलाया। शिक्षकों का टोटा रहा। खंड शिक्षा अधिकारी पुष्प राज सिंह के नेतृत्व में बुधवार को सरकार की ओर से जारी प्रेरणा ऐप की जानकारी एलसीडी लगाकर नेट से दी गई। ऐप पर नाराजगी ब्यक्त करने के लिए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक संघ के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह के नेतृत्व शिक्षकों ने पूर्ण विरोध किया। यह विरोध प्रदर्शन शिक्षकों ने दोपहर में किया। अध्यक्ष ने बताया कि शिक्षक, छात्रों की उपस्थिति व फ ोटो ऑनलाइन भेजी जाएगी। जिससे अधिकांश शिक्षक कानपुर से प्राइवेट वाहन से विद्यालय में आते हैं। जो प्रतिदिन विद्यालय समय पर पहुंचने में लेट हो जाते हैं। ऐसा होने पर शिक्षकों पर कार्रवाई होगी। यह व्यवस्था अव्यावहारिक है। इससे शिक्षकों के सम्मान में ठेस पहुंचेगी। स्कूलों में संसाधन व शिक्षकों की खासी कमी है। प्रेरणा एप की व्यवस्था को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में मंत्री दयाराम गौतम, मधुसूदन सिंह, नागेश प्रताप सिंह, अनिल उमराव, अंबा प्रसाद रहे।
खजुहा प्रतिनिधि के अनुसार खजुआ के उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों ने प्रेरणा एप का बहिष्कार किया। शिक्षकों रमाकांत दुबे, दीपक पटेल, जय प्रकाश, अर्चना तिवारी, योगेश कुमार पटेल, मनोज ने बताया कि प्रेरणा ऐप में व्यवहारिक दिक्कतें हैं जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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इनसेट --
प्रधानाध्यापकों को प्रेरणा ऐप के बारे में दी जानकारी
खागा। ऐरायां बीआरसी कार्यालय में 11 न्याय पंचायत के अंतर्गत संचालित होने वाले प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की एक बैठक हुई। बीआरसी कार्यालय में आयोजित बैठक में खंड शिक्षाधिकारी वीरेंद्र कुमार पांडेय ने प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापको को प्रेरणा ऐप लांचिंग प्रोग्राम के विषय में जानकारी दी। इस मौके पर संतराम सिंह, राम प्रसाद सिंह, वीरेन्द्र श्रीवास्तव, अखिलेश कुमार शुक्ला, विपिन कुमार, चंद्रावती, सरिता सिंह, कमला देवी आदि रहीं।
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