फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होटलों से पानी मांगकर खा रहे दवा

Thu, 19 May 2016 12:41 AM IST
अमर उजाला, फतेहपुर
विज्ञापन
गाजीपुर में दो साल पहले वजूद में आई सीएचसी का खराब हैंडपंप। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गर्मी में पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है। 20 हजार की आबादी न केवल पानी मांग रही है बल्कि इलाज कराने के लिए दूरदराज से आ रही जनता भी इस समस्या से जूझ रही है। पेयजल किल्लत के हालात किस कदर दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। इसका अंदाजा सीएचसी व पीएचसी के सामने स्थित चाय-पान की दुकानों से लगाया जा सकता है। मरीज अस्पताल से मिलने वाली दवाओं को हलक के नीचे उतारने के लिए इन्हीं दुकानों का पानी पी रहे हैं।
विज्ञापन



हर गर्मी में पेयजल संकट से गहराने वाली जिले की बड़ी आबादी वाली इस ग्राम पंचायत में आठ मोहल्ले हैं। इन मोहल्लों में जलापूर्ति के लिए बाबा आदम जमाने में बने सभी आठ कुएं सूख चुके हैं। आधे से ज्यादा हैंडपंप भी पानी देने के दौरान हांफते दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा जलापूर्ति के लिए एक ओवरहैड टैंक स्थापित है। चालू हालत के हैंडपंपों पर पानी के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं। इससे भी कहीं खराब हालात मरीज और उनके साथ आए तीमारदारों की हैं।


सीएचसी का ओवरहेड टैंक कई महीने से पानी नहीं दे रहा है। इसके अलावा कैंपस में लगे तीन हैंडपंप भी मौजूदा समय में हवा फेंक रहे हैं। लिहाजा अस्पताल की दवा खाने लिए मरीजों को खानपान की दुकानों को मुंह ताकना पड़ रहा है। दुकानदार भी अस्पताल की पेयजल समस्या से वाकिफ होने के कारण पानी देने से पहले कुछ खरीदने की शर्त रख रहे हैं। सीएचसी चिकित्सक डॉ. पंकज कुमार बताते हैं कि कई मर्तबा पानी संकट की बात विभागीय अफसरों तक पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं निकल पाया है।
विज्ञापन




एक ओर हाहाकार, दूसरी तरफ बर्बादी- पेयजल संकट को लेकर भले ही गाजीपुर में हाहाकार मचा है, लेकिन होम्योपैथिक अस्पताल के हाल इस त्राहि-त्राहि से जुदा नजर आ रहे हैं। अक्सर अस्पताल की छत पर रखी सिंटेक्स की टंकी से पानी बहता दिखाई देता है। इसके बावजूद न तो अस्पताल कर्मियों को यह बर्बादी दिखाई दे रही है और न ही जवाबदेह ही, इस पर विराम लगाने को आगे आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें