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डाई पीने के बाद गर्दन में मार ली ब्लेड

Sat, 09 Jul 2016 01:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
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ट्रामा सेंटर में लहूलुहान बंदी सचिन वर्मा। - फोटो : अमर उजाला
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कोर्ट में पेशी के बाद लॉकअप पहुंचे कानपुर के बंदी सचिन वर्मा ने शुक्रवार दोपहर जान देने की कोशिश की। उसने पहले डाई पी, फिर ब्लेड से गर्दन व हाथ की नस काटकर खुद को लहूलुहान कर डाला। पुलिस ने आनन फानन में उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। बाद में हालत सुधरती देख जेल अस्पताल पहुंचाया गया। बंदी सचिन ने पहले से दो पन्ने का सुसाइड नोट लिख रखा था। एएसपी आरके यादव ने बताया कि बंदी पर आत्महत्या की कोशिश की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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बता दें कि सचिन वर्मा कानपुर नगर के नौबस्ता थाना के  हंसपुरम मोहल्ले का निवासी है। उसकी आशू ज्वैलर्स नाम से सराफा की दुकान है। पुलिस ने 17 मार्च को चेन स्नेचिंग समेत लूटपाट के  तीन मामलों में गैंग समेत पकड़ा था। वह 30 मई को चोरी के  मामले में पेशी पर कानपुर कोर्ट गया था। पुलिस के मुताबिक वहां से डाई की दो पाउच, एक ब्लेड लेकर आया था। जेल से 26 जून को सीजेएम कोर्ट पेशी पर आने पर वह लॉकअप में पाइप के अंदर डाई का पाउच और ब्लेड छिपा दिया था। सही मौका न मिलने के कारण, तब घटना नहीं कर सका था।


जेल से शुक्रवार को फिर पेशी पर सचिन को लाया गया। पेशी के बाद वह लॉकअप पहुंचा। वहां उसने तीन बजे डाई घोलकर पी ली। इसके बाद ब्लेड से गर्दन व गले के बीच और बाएं हाथ की नस काटने के लिए वार किया। बंदियों में उसे लहूलुहान देखकर शोर मचाया। आनन- फानन में ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। जहां उसकी जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ। इसमें उसने लिखा है कि उसके आत्महत्या का जिम्मेदार गैंग के लीडर मुन्ना उर्फ जहीर, तत्कालीन साइबर सेल प्रभारी और शहर कोतवाल है।
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आरोप लगाया है कि नवंबर 2015 के बाद उसने किसी तरह घटना नहीं की। इसके बावजूद उसे मुन्ना के कहने पर पुलिस ने फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इससे आहत होकर जान दे रहा है। कानपुर के थानों में आरोपी के खिलाफ 16 मामले लूट व बाइक चोरी के दर्ज हैं।
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