बसपा से अयाह-शाह विधायक अयोध्या प्रसाद पाल के खिलाफ बिरादरी के ही लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। खास ईद के दिन सजातियों का विधायक विरोध सरेआम हो गया। पाल बिरादरी के नेताओं ने माननीय के कामकाज पर आरोप लगाया।
बसपा सुप्रीमो मायावती से पाल समाज के दूसरे संभ्रांत शख्स को चुनाव लड़ाने की मांग की। ऐलान किया कि ऐसा न होने पर बिरादरी सामूहिक विरोध करेगी, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ेगा। नहर कालोनी में गुरुवार को बसपा से जुड़े पाल समाज के लोग अयाहशाह विधानसभा क्षेत्र के बसपा नेता भोले पाल के नेतृत्व में जुटे।
आरोप लगाया कि विधायक अयोध्या प्रसाद पाल बसपा के मिशन और जिले से पाल बिरादरी के अस्तित्व को खत्म करने में लगे हैं। माली हालत में हुए बेहिसाब बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1996 में हंसवा विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। तब बिक्र फील्ड में मुनीम हुआ करते थे। आज उनके पास तीन पेट्रोल पंप, फ्लोर मिल एंड कोल्ड स्टोरेज, फार्म हाउस क्या कुछ नहीं है। यह सब ईमानदारी से हुआ है, इसमें संदेह है। विधायक ने जनता को नौकरी दिलाने से लेकर चुनाव का टिकट दिलवाने के नाम पर खूब छला है।
विरोध प्रदर्शन के बाद पाल बिरादरी ने बसपा सुप्रीमो के नाम डाक से चिट्ठी भेजी, जिसमें विधायक के राजनैतिक सफर पर सवाल खड़े करते हुए उनकी प्रत्याशिता खत्म किए जाने की मांग की है। चिट्ठी में अयाह शाह से नया प्रत्याशी न लड़ाए जाने की दशा में अयोध्या पाल का सामूहिक विरोध करने का खुलासा किया गया है। धरने में पूर्व प्रधान माया सिंह, बचोली पाल, राम विनोद, दया शंकर प्रजापति, राज कुमार, धर्मेंद्र पाल, शिवबाबू सोनी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
विधायक अयोध्या प्रसाद पाल का बयान:- उन्हें भोले पाल के प्रदर्शन करने की जानकारी हुई है। अभी वह ईद के चलते क्षेत्र में हैं, लौटकर आने और आमने-सामने बैठने पर ही अपना पक्ष रख सकेंगे।