शीतलहर का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को कड़ाके ठंड से आम जनजवीन बेहाल रहा। दोपहर तक घने कोहरे के कारण वाहन रेंगते नजर आए। कोहरा छंटने के बाद सूरज के दर्शन न होने के कारण लोग भीषण ठंड से जूझते रहे। खागा में अलग-अलग इलाकों में तीन लोगों की मौत हो गई।
सरकारी दफ्तरों में उपस्थिति नगण्य रही। माध्यमिक स्कूल खुलने का आदेश होने के बावजूद छात्र-छात्राएं नदारत रहे। स्कूल कालेजों में पहुंचे थोड़े बहुत टीचर भी उपस्थिति बनाकर चलते बने।
पूरे 23 दिन व्यतीत हो चुके हैं, लेकिन शीतलहर का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। 22 दिसंबर से पड़ रही कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को बेहाल करके रख दिया है।
मकर संक्रांति का पर्व होने के कारण रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों में भोर से ही यात्रियों की खासी भीड रही। कड़ाके की ठंड के कारण यात्री बेहाल रहे। जबकि घना कोहरा होने के कारण सड़क यातायात प्रभावित रहा।
बहुत बसें यात्रियों को लेकर सुबह की पाली में रवाना हो पाईं। शासन ने बुधवार से माध्यमिक स्कूल खोल दिए हैं, लेकिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति नगण्य रही।
स्कूल पहुंचे थोड़े बहुत टीचर भी रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज करके चलते बने। सिर्फ वही कालेज खुले रहे, जिनमें इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं चल रही हैं और प्रैक्टिकल देने वाले बच्चे ही स्कूल में दिखाई पड़े।
ठंड का असर सरकारी दफ्तरों में खासा दिखाई पड़ा। बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में अधिकारी समेत कई कर्मचारियों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। इसी तरह से मुख्य चिकित्साधिकारी और डीआईओएस दफ्तर का रहा। मुश्किल से पचास फीसदी कर्मचारी दफ्तर के बाहर अलाव तापते दिखाई पड़े।
नगर पालिका परिषद ने शहर के आवास विकास कालोनी में एक भी स्थान पर अलाव की व्यवस्था नहीं की। ऐसी हालत में लोगों को ठंड से जूझना पड़ रहा है।
अलाव की व्यवस्था न होने के कारण शाम ढलते ही कालोनी में सन्नाटा पसर जाता है। ऐसी हालत में अपराधिक घटनाएं होने की संभावना पैदा हो गई है। कालोनी निवासी जगतपाल सिंह, सुनील बाजपेई, अजय सिंह सेंगर, पप्पू सिंह सेंगर आदि ने कालोनी में अलाव जलाने की मांग की है।
तहसील क्षेत्र में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड से राहगीरों को राहत दिलाए जाने के लिए एसडीएम शिवप्रसाद, तहसीलदार दूधनाथ यादव ने लेखपालों को निर्देश देकर प्रमुख चौराहों पर अलाव जलवाए, जिसकी आंच सेेंककर राहगीरों ने राहत की सांस ली।