फतेहपुर। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के देवरानार गांव निवासी ई-रिक्शा चालक नीरज निषाद (26) की हत्या और शव फेंकने के मामले में पुलिस ने कई संदिग्धों को उठाया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि नशेड़ियों ने ई-रिक्शा और रुपये लूटने के बाद चालक हत्या कर दी। हालांकि पुलिस को अभी तक नीरज का ई-रिक्शा नहीं मिला है।
देवरानार गांव निवासी नीरज बृहस्पतिवार को ई-रिक्शा लेकर घर से निकला था। शुक्रवार को उसका शव रहिमालन का पुरवा नहर के पास झाड़ियों में पड़ा मिला। शव पर गर्दन, पेट और कंधे सहित पांच जगहों पर चाकू के निशान पाए गए हैं। इससे धारदार हथियार से हत्या की पुष्टि होती है।
शव जमरावां गांव के खड़ंजा मार्ग के पास मिला। यहां दिनभर आवाजाही रहती है। ऐसे में पुलिस का मानना है कि हत्या कहीं और कर शव यहां लाकर फेंका गया। पुलिस ने मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। इनमें एक आरोपी जमरावां का रहने वाला है, जबकि उसके कुछ साथी अभी फरार हैं।
प्रभारी निरीक्षक आलोक पांडेय ने बताया कि मामला जल्द सुलझाया जाएगा। पुलिस हत्यारोपियों के बेहद करीब पहुंच चुकी है और जल्द पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
चालक का शव डीएम ऑफिस ले जाने की मांग पर हंगामा
पोस्टमार्टम हाउस में शनिवार को नीरज के परिजन ने हंगामा किया। परिजनों ने डीएम ऑफिस शव लेकर जाने की मांग की। परिजन को यहां मौजूद एसआई भारतेंंद्र सिंह ने समझाकर शांत किया। इस दौरान पुलिस और परिजन के बीच नोकझोंक भी हुई।
इधर, अखिल भारतीय नौजवान सभा के मंत्री व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश प्रजापति ग्रामीण व महिलाओं को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। समाधान दिवस की वजह कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। करीब दो घंटे तक हत्यारोपियों को पकड़ने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन चला।
इस दौरान पुलिस के समझाने पर प्रदर्शनकारी लौट गए। राकेश प्रजापति ने बताया कि उनकी ओर से राष्ट्रपति को डीएम के माध्यम ज्ञापन सौंपा गया है।
नीरज के परिवार को आर्थिक सहायता व हत्यारोपियों को फांसी, पत्नी को सरकारी नौकरी, परिवार को कृषि भूमि का पट्टा, बच्चों को मुफ्त शिक्षा की मांग की गई है। इस दौरान गांव की कई महिलाएं भी शामिल रहीं।
फोटो-34-नीरज निषाद। फाइल फोटो
फोटो-34-नीरज निषाद। फाइल फोटो
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