फतेहपुर। गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुए आठ दिन हुए लेकिन किसानों के न आने से क्रय केंद्र का सूखा नहीं टूट रहा। शुक्रवार को पीसीएफ के मेवली क्रय केंद्र पर दो किसान पहुंचे और वहां अपना गेहूं बेचा।
केंद्र प्रभारी ने किसान को माला पहनाकर बोहनी की। अभी तक 54 क्रय केंद्रों पर बोहनी नहीं हो सकी है। जबकि जिले में चार संस्थाओं के 56 क्रय केंद्र हैं। किसान अपना गेहूं बेचने के लिए सरकारी क्रय केंद्र पर नहीं पहुंच रहा है।
वहीं खागा, बिंदकी के मंडी आढ़तियों और फ्लोर मिल में गेहूं की बिक्री किसान कर रहे हैं। इस बार सरकारी मूल्य 2015 रुपये से ज्यादा उन्हें 2050 रुपये से 2100 रुपये क्विंटल तक बाहर मिल रहा है।
यही कारण है कि जिन किसानों का गेहूं तैयार हो गया है, वह सरकारी केंद्र में ले जाने की बजाय मंडी के आढ़तियों से सौदा कर रहे हैं। हालांकि सरकारी केंद्रों में बिक्री के लिए अब तक 3474 किसानों ने पंजीयन कराया है। शुक्रवार को केंद्रों की पड़ताल में यह नजारा दिखा।
फोन से बुला रहे किसान, फिर भी सन्नाटा
असोथर। गेहूं कटाई-मड़ाई का काम अभी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। इससे सरकारी क्रय केंद्रों पर बोहनी नहीं हो रही है। दोपहर एक बजे कस्बा मंडी व उपमंडी में संचालित विपणन शाखा के क्रय केंद्रों की जिम्मेदारी प्रेमप्रकाश संभालते दिखे।
शुक्रवार को भी यहां किसान गेहूं बेचने के लिए नहीं आए। आठ दिन बीतने पर भी यहां की खरीद रिपोर्ट शून्य है। केंद्र प्रभारी ने बताया कि किसानों से फोन पर संपर्क कर उन्हें बुलाया जा रहा है। वे दो-तीन दिन बाद गेहूं लाने की बात कह रहे हैं।
बोहनी कर किसान को पहनाई फूलमाला
पीसीएफ के मेवली क्रय केंद्र में दो किसानों के गेहूं की तौल कराई गई। केंद्र प्रभारी नेकपाल सिंह व साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष ने पहले गेहूं तौल कराने वाले किसान को फूलमाला पहना कर स्वागत किया।
नेकपाल सिंह ने बताया कि मेवली के किसान बिंदेश कुमार और महिला किसान विमला देवी का 77 क्विंटल गेहूं तौल कराया गया है। अन्य किसानों से भी संपर्क किया जा रहा है कि वह क्रय केंद्र में गेहूं लेकर आएं।
जो धान बेचे हैं, उनसे कर रहे संपर्क
हरिहरगंज सहकारी समिति में पीसीएफ का क्रय केंद्र है। केंद्र प्रभारी देवराज पाल ने बताया कि अभी तक केंद्र में एक भी किसान नहीं आया है। जो किसान धान बेचने आए थे, उनसे फोन पर संपर्क किया जा रहा है कि गेहूं लेकर क्रय केंद्र में आएं।
फोन पर तो किसान एक-दो दिन में आने की बात कहते हैं। पर, बाजार में महंगे दाम पर गेहूं बिक जाने से क्रय केंद्रों में किसान गेहूं नहीं ला रहे हैं।
बोले जिम्मेदार:
अब किसानों से संपर्क किया जा रहा है कि वह क्रय केंद्र पर गेहूं लेकर आएं। अभी किसान फसलों की कटाई में लगे हैं, जिस कारण से अभी बहुत कम ही गेहूं बिक्री के लिए जा रहा है। अगले हफ्ते से गेहूं खरीद में रफ्तार आएगी।
अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ