फतेहपुर। आबूनगर स्थित धार्मिक स्थल पर हालिया तोड़फोड़ के बाद उपजे तनाव को देखते हुए कमिश्नर विजय विश्वास पंत और आईजी अजय मिश्रा ने शनिवार को पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। करीब 500 मीटर दायरे में ड्रोन से निगरानी की गई।
वायरलेस के जरिये गश्ती पुलिस को निर्देश लगातार दिए जाते रहे। पुलिस ने लोगों को बेवजह घरों से बाहर निकलने से रोक दिया है। डीएम रविंद्र सिंह और एसपी अनूप सिंह पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
सदर कोतवाली क्षेत्र के आबूनगर इलाके में 11 अगस्त को हुई तोड़फोड़ के बाद शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। हमीरपुर, बांदा, कौशांबी, महोबा और प्रतापगढ़ जिलों से बुलाया गया अतिरिक्त फोर्स और एसटीएफ कमांडो तैनात रहे।
खुफिया विभाग की ओर से भी शनिवार को करीब 300 से 400 लोगों की भीड़ आने की आशंका जताई गई थी। इसे देखते हुए पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहा। धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी तरह की सभा, प्रदर्शन या जुलूस की इजाजत नहीं दी जाएगी। एडीएम अविनाश त्रिपाठी, एएसपी महेंद्र पाल सिंह, एसडीएम और सीओ भी दिनभर मौके पर मुस्तैद रहे।
खुफिया टीमें सक्रिय, संगठनों से सीधा संवाद
खुफिया विभाग ने हालात पर पैनी नजर बनाए रखी और धार्मिक संगठनों की गतिविधियों पर पल-पल की जानकारी जुटाई। कोतवाली पुलिस संगठन प्रमुखों और नेताओं के संपर्क में रही। भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल समेत अन्य नेताओं से घर में ही जन्माष्टमी मनाने की अपील की गई।
पथराव से जुड़े मकान में ताला, अराजक तत्वों पर नजर
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं पर भी माहौल बिगड़ने पर पत्थरबाजी की गई थी। एक घर को कुछ अराजकतत्वों ने ठिकाना बनाया था। उस घर में कोई नहीं रहता था। निर्माणाधीन मकान सूना पड़ा था। पुलिस ने मकान संज्ञान में आने के बाद शुक्रवार को मकान में ताला डलवाया है।
छठे दिन भी नहीं हुई गिरफ्तारी
मामले में भाजपा नेता अभिषेक शुक्ला, आशीष त्रिवेदी, भाजयुमो नेता प्रसून तिवारी, सभासद रितिक पाल, सपा से निष्कासित पप्पू सिंह चौहान, जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी, देवनाथ धाकड़े समेत 150 से अधिक नामजद हैं। बावजूद इसके छठे दिन भी किसी भी गिरफ्तारी नहीं हुई।
जन्माष्टमी तक प्रशासन रहा चौकस
शनिवार रात जन्माष्टमी के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। रात 12 बजे तक अधिकारियों की निगरानी में क्षेत्र की निगरानी होती रही। कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती रही।
शहर काजी सईदुल इस्लाम उर्फ अब्दुल्ला भाई का कहना है कि प्रशासन ने बयान देने पर रोक लगाई है। ऐसे में वह किसी भी तरह का कोई बयान नहीं देंगे।
ये है मामला
शहर के आबूनगर रेड्डया में स्थित एक प्राचीन धार्मिक स्थल को लेकर विवाद खड़ा हुआ। वर्षों से एक समुदाय द्वारा इस्तेमाल में लिए जा रहे इस स्थल को लेकर मंदिर-मठ संरक्षण संघर्ष समिति ने इसे ठाकुर द्वारा मंदिर बताया। सात अगस्त को समिति के सदस्य धनंजय द्विवेदी ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोप था कि स्थल पर बिना अनुमति मजारें बनाई गई हैं। समिति ने सोमवार को पूजा-पाठ और सफाई की बात कही थी। इसी के बाद बीजेपी जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल और विहिप नेताओं की अपील पर भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। पथराव और लाठी-डंडों से हमला कर मजारें तोड़ी गईं। कई लोगों ने पूजा-अर्चना, शंखनाद और नारेबाजी भी की। इस दौरान दोनों समुदायों में तनाव और पथराव हुआ।
कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने की सभी तैयारियां पूरी हैं। पूरी तरह से शांति है। सभी से अपील है कि आपसी भाईचारा बनाए रखें।
रविंद्र सिंह, डीएम, फतेहपुर