फतेहपुर। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराना और राज्य सूचना आयोग के नोटिसों की अनदेखी करना जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को भारी पड़ गया। राज्य सूचना आयोग ने डीपीआरओ पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना जमा होने तक वेतन भुगतान रोकने के निर्देश भी दिए हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता अविक शुक्ला ने 24 जून 2025 को आरटीआई दाखिल की थी। इसमें पंचायतीराज विभाग में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों, संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मियों की सूची, पदनाम, तैनाती वर्ष, कार्यस्थल और विभागीय मोबाइल नंबर की जानकारी मांगी गई थी। समय पर सूचना न मिलने पर प्रथम अपील और फिर राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील की गई।
सुनवाई के दौरान आयोग ने कई अवसर दिए। इसके बाद छह नवंबर 2025, 12 जनवरी और 16 मार्च को जारी नोटिसों के बावजूद अधिकारी न तो जवाब देने पहुंचे और न ही उपस्थित हुए। इसके बाद राज्य सूचना आयुक्त राकेश कुमार ने 12 जनवरी से 1 जून 2026 की अवधि के आधार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।