फतेहपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम को लेकर छात्र-छात्राएं तनाव में हैं। जिले में इस बार बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा दी है। परिणाम आज आएगा। मनोरोग चिकित्सक के मुताबिक परिणाम जो भी आए, छात्र-छात्राएं घबराएं नहीं। यह परीक्षा का परिणाम है, जीवन का नहीं। आने वाले समय में इससे भी बड़ी चुनौतियों का सामना करना है। परिणाम को सकारात्मक सोच के साथ लें। यह समय खुद के आत्ममंथन का भी होगा।
सदर अस्पताल के मानसिक रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. ललित प्रताप सिंह के मुताबिक परीक्षा परिणाम सालभर की मेहनत का है। रिजल्ट को सब कुछ न मान लिया जाए। सकारात्मक होकर परिणाम को स्वीकार करें। भविष्य को लेकर परेशान न हों। मन में कुछ भी गलत न लाएं। खुद पर विश्वास रखें, जीत जरूर मिलेगी।
जिंदगी के लिए सकारात्मक सोच जरूरी है। परिणाम को लेकर दूसरे से प्रतिस्पर्धा न करें। खुद को संयमित रख नई परीक्षा के लिए तैयार करें। पुरानी बातों को भूलकर नई पारी खेलें। परिणाम योग्यता का मानक तय करते हैं तो सीखने का अवसर भी देते हैं। हमें आगे बढ़ने के लिए और सशक्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चे के परिणाम को लेकर सामान्य रहें। हताशा के भाव न पनपने दें। अगर उम्मीद के मुताबिक परिणाम न आए तो मनोबल न गिराएं। हौसला आफजाई करें। आपका यह रुख मानसिक रूप से परेेशान बच्चे के जेहन में सकारात्मक भाव पैदा करेगा। सकारात्मक और नकारात्मक परिणाम के बारे में सोचने के बजाय बच्चों को नई ऊर्जा के साथ नई परीक्षा के लिए हौसला बंधाने का काम करें।
ये न करें अभिभावक
- परिवार का कोई भी सदस्य उम्मीद के मुताबिक परिणाम न आने पर ताने न मारे।
- किसी दूसरे विद्यार्थी से तुलना न करें।
- पड़ोस और नातेरिश्तेदार के बच्चे के साथ तुलना कतई न करें।
- बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें।
जरूरत पड़ने पर मिलाएं हेल्पलाइन नंबर
अगर किसी को मानसिक परेशानी है तो सुबह नौ से दोपहर बाद चार बजे के बीच मानसिक रोग विभाग के हेल्पलाइन नंबर 6307114737 पर संपर्क किया जा सकता है।