हुसैनगंज खरीद केंद्र में बोरी में लगा गेहूं
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गेहूं खरीद केंद्रों पर इस बार किसानों की चहल-पहल नहीं दिखाई दे रही है। मौसम की बेरुखी से गेहूं में हुई कम पैदावार से अन्नदाता सकते में हैं। 50 से 100 क्विंटल तक गेहूं बेचने वाले किसान के पास परिवार पालन पोषण से अधिक बेचने के लिए गेहूं नहीं है, जो किसान गेहूं बेचना भी चाहते हैं, उनके लिए बना सरकारी मानक रोड़ा बना है। क्रय केंद्रों में गेहूं न आने से केंद्र प्रभारी भी सन्नाटे में बैठे हैं।
जिले के 56 खरीद केंद्रों में 75 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य है। डेढ़ महीने में अब तक मात्र सात हजार 592 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुुई है, जो निर्धारित लक्ष्य का मात्र 10 प्रतिशत है। मार्केटिंग में तीन हजार 286.2 मीट्रिक टन खरीद हुई है। इसी प्रकार यूपीएसएस में 491, यूपी एग्रो में 602, पीसीएफ में 550, कर्मचारी कल्याण निगम में 700, पंजीकृत समितियाें में 1144, इफको में 50 और भारतीय खाद्य निगम में 700 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है।
हुसैनगंज क्रय केंद्र में सन्नाटा पसरा है। पहले खरीदे गए गेहूं की बोरियां केंद्र में डंप हैं। मौके पर एक भी किसान नहीं मिला। केंद्र प्रभारी अनूप कुमार पांडेय ने बताया कि 10 हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य है। 1200 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। डीएम के निर्देश पर गांव में जाकर किसानों से संपर्क किया रहा है। रजिस्टर में किसानाें का नाम व मोबाइल नंबर लिख लिया गया है, उनसे लगातार क्रय केंद्र में गेहूं बेचने के लिए कहा जा रहा है।
असोथर क्रय में गेहूूं बेचने आए किसान बरदानी सिंह ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है। गेहूं बेचने में एक रुपये भी नहीं लिया गया है। केंद्र प्रभारी मनोज कुमार दो क्रय केंद्रों के चार्ज में हैं, उनसे बात नहीं हो सकी। सहायक प्रभारी सुरेश चंद्र शुक्ला ने बताया कि 35 हजार क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य है। अब तक छह हजार 330 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है।
क्या कहते हैं जवाबदेह:- जिला खाद्य विपणन अधिकारी रवि गौतम ने बताया कि गेहूं की पैदावार कम होने व बाजार में अधिक भाव होने की वजह से क्रय केंद्र में गेहूं नहीं आ रहा है। गेहूं खरीद के लिए केंद्र प्रभारियों के साथ कर्मचारियों को गांव-गांव जाने के निर्देश दिए गए हैं।