तहसील दिवस में डीएम डॉ. वेदपति मिश्र और एसपी कलानिधि नैथानी तक अपनी बात पहुंचाने के लिए मंगलवार को फरियादियों की भीड़ जुटी। 155 मामले रजिस्टर में दर्ज किए गए। हालांकि निपटाने की संख्या महज नौ तक सीमित रह गई। बाकी शिकायतें फिर वहीं पहुंच गईं, जहां पीड़ित अक्सर शिकायती पत्र देने के बाद मायूस दिखते हैं। डीएम ने मातहतों को एक पखवाड़े में सभी शिकायतें निस्तारित कर देने का निर्देश दिए हैं।
तहसील दिवस में अफसरों के सामने भूमि विवाद, कोटेदारों की कालाबाजारी, सार्वजनिक जगह पर कब्जा की शिकायतें ज्यादा थीं। बिंदकी नगर के एनआईसी रोड निवासिनी लक्ष्मी गुप्ता ने शिकायत किया कि उनके देवर रमेश, रज्जन, संतोष उसके हिस्से की पैतृक संपत्ति पर कब्जा कर रहे हैं। टीम भेजकर आरोपियों को कड़ी हिदायत दी गई।
गांव सांई के कृष्णपाल सिंह ने लेखपाल पर तलाब की जमीन पर कब्जा करवाने का आरोप लगाया। गांव खूंटा के कई ग्रामीणों ने लेखपाल की शिकायत की। आरोप लगाया कि फर्जी पट्टा किया जा रहा है। गांव बरवा के प्रेम नारायण तिवारी, बारा के दिनेश, मांझेपुर के रवि उमराव, विंदौर के रामभवन भौराजपुर के विवेक शर्मा सहित यमुना एवं रिंद नदी तटवर्ती दर्जनों गांव के लोगों ने कई वर्षों से खराब हैंडपंपों को बनवाने की गुजारिश की।
अजमतपुर की सरस्वती सिंह सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि उनके खातों में सूखा राहत, ओलावृष्टि के मुआवजा नहीं पहुंचा। तहसील दिवस में सीडीओ रामाश्रय, एसडीएम जेएन सचान, सीओ आरके वर्मा, तहसीलदार लालसिंह यादव, नायब तहसीलदार राजकुमार चौधरी, कोतवाल राजेश सिंह सहित लगभग सभी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
बरसात के चलते तहसील दिवस फीका- खागा। मंगलवार को सुबह बरसात से तहसील दिवस फीका रहा। दो बजे तक मात्र 18 शिकायतें आईं। एक भी निस्तारण नहीं हुआ। शिकायतों की सुनवाई एसडीएम अमित भट्ट और सीओ अतुल कुमार चौबे ने किया। 18 शिकायतों में से सात राजस्व विभाग, चार बिजली, तीन विकास, दो पुलिस, एक समाज कल्याण की शिकायतें आईं। इस मौके पर तहसीलदार रामस्वरूप, डिप्टी सीएमओ भूपेश द्विवेदी, खंड शिक्षा अधिकारी रवींद्र शुक्ला, रतनलाल और सुनील सिंह सहित सभी थानों के थानेदार, एसडीओ बिजली आरबी मौर्या आदि सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।