अवैध खनन पर शिकंजा कसते हुए डीएम ने गुरुवार को यमुना के ओती घाट का निरीक्षण किया। अवैध पुल पूरी तरह ध्वस्त न किए जाने को लेकर डीएम ने अधिकारी को फटकार लगाई। मौके पर डीएम ने सदर एसडीएम को समूचे बांध को जल्द से जल्द ढहाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभाग को भी चेतावनी जारी की। साफ कहा कि ‘जो हो गया वह अब नहीं होने दिया जाएगा’। सरकारी व्यवस्था से इतर कोई काम नहीं होगा।
गौरतलब है कि अवैध मौरंग खनन मामले में सीएम के तल्ख रुख के बाद इलाहाबाद के कमिश्नर, डीएम व खनन अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया था। गुरुवार के दिन वही अवैध बांध डीएम पुष्पा सिंह के निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक कवायद को चैलेंज करता नजर आया। खनन माफिया ने ओती के पांच नंबर खदान से मौरंग को ‘इस पार’ से ‘उस पार’ करने के लिए सात सौ मीटर लंबा अवैध बांध बना लिया था। चार जून को जिले में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे सीएम अखिलेश सिंह यादव की भनक लगते ही अवैध बांध के प्रति आंख बंद किए प्रशासन ने दो फरवरी को बांध ढहाने में खानापूरी की थी। यह मामला मीडिया के जरिए सीएम के सामने रखे जाने के बाद उन्होंने मंडलायुक्त वीके सिंह को मौके पर ही सस्पेंड करने का हुक्म सुना दिया था जबकि पांच जून को डीएम राकेश कुमार सतीश कुमार सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया था।
आला अधिकारियों पर हुई इस कार्रवाई के बाद ऐसा माना जा रहा था कि अवैध बांध पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया जाएगा। जबकि ऐसा नहीं किया गया। जिसकी नजीर खुद डीएम पुष्पा सिंह ने गुरुवार के दौरे में देखी। दोपहर सवा एक बजे ओती घाट पहुंची डीएम को ओती के खदान नंबर एक व पांच नंबर में खनन की हलचल पर विराम मिला। इन खदानों में जमा रहने वाली जेसीबी व पोकलैंड मशीनें नदारद थीं। ओती की खदान नंबर तीन मेें जरूर लेबर लोडिंग दिखी। आगे बढ़ीं तो डीएम को ओती के पांच नंबर खदान का प्रशासनिक महकमें में भूचाल लाने वाला अवैध बांध का काफी हिस्सा बरकरार मिला। जिस पर उन्होंने एसडीएम सदर विवेक श्रीवास्तव से सवाल जवाब किया। साफ कहा कि जितनी जल्दी हो सके, शेष हिस्से को भी ढहा दिया जाए। अमर उजाला से बातचीत में सदर एसडीएम ने बताया कि दो सौ मीटर के आसपास शेष बचे अवैध बांध को दो-तीन में ढहा दिया जाएगा।