राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक आलोक कुमार ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिग कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। छोटे बच्चों से लेकर युवाओं तक में खून की कमी दूर करने पर जोर दिया। आंगनबाड़ी व परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मुफ्त में आयरन की गोलियां खिलाने के निर्देश दिए।
आयरन की गोली वितरण में जिले का स्थान प्रदेश के टाप टेन सूची में शामिल पाया गया। कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में कांफ्रेंसिंग में निदेशक ने स्कूल न जाने वाले बच्चों को चिन्हित कर सेहत सुधार के लिए आयरन की गोलियां वितरण कराने को कहा। क्रियान्वयन न होने पर सीएमओ, डिप्टी सीएमओ को कार्रवाई करने की चेतावनी दी। सीएमओ डा. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि एक से पांच तक में पढ़ने वाले बच्चों के लिए 43 लाख गुलाबी गोलियां बाटी गई हैं।
किशोरियों व खून की कमी वाले युवाओं को अब तक 86 लाख आयरन की गोलियां बांटी गई हैं। इसके अलावा जिले स्तर पर चार, ब्लाक स्तर पर 29 बड़ी बैठकें की गई हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में बीआरसी और जिला कार्यक्रम विभाग में ब्लाक परियोजनाओं के माध्यम से स्कूल व आंगनबाड़ी तक टेबलेट पहुंचाई गई हैं। प्रबंधक निदेशक ने बीएसए विनय कुमार, डीपीओ अजय कुमार, डिप्टी सीएमओ संजय कुमार, सीएमएस महिला डा. रेखारानी से भी प्रगति के बारे में जानकारी ली।