फतेहपुर। जिला अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था फिलहाल केवल फायर सिलिंडरों के भरोसे संचालित हो रही है। आग लगने की स्थिति में उपकरणों का संचालन करने के लिए अस्पताल में फायर गार्ड तैनात नहीं हैं। इससे न केवल उपकरणों का नियमित रखरखाव प्रभावित हो रहा है बल्कि आपात स्थिति में आग पर तत्काल काबू पाना भी चुनौती बन सकता है।
इस संबंध में मुख्य अग्नि शमन अधिकारी (सीएफओ) जसवीर सिंह ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को नोटिस जारी कर जिला अस्पताल में फायर गार्डों की नियुक्ति कराने के निर्देश दिए हैं। नियुक्ति के बाद फायर गार्ड अग्निशमन उपकरणों के रखरखाव के साथ आपात स्थिति में आग बुझाने की कार्रवाई भी करेंगे। हालांकि अस्पताल की सामान्य सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूर्व सैनिक तैनात हैं।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध तीन मंजिला जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से 2000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यहां महिला, पुरुष और शिशु वार्ड संचालित हैं। ऐसे में अग्नि सुरक्षा के लिए फायर गार्ड की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। इससे मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। सीएमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि फायर गार्ड की नियुक्ति होने से अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।