सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी तालाबों में अवैध कब्जे बरकरार हैं। जिला प्रशासन कब्जों को हटवाने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है। साथ ही नए अवैध कब्जे होते जा रहे हैं। क्षेत्र का कोई ऐसा गांव अछूता नहीं है, जहां पर तालाबों में अवैध कब्जे न हों। शिकायतों के बावजूद भी प्रशासन अतिक्रमण हटाने में पूरी तरह विफल हो गया है।
नगर समेत क्षेत्र के एकौरा, मोगरिहापुर, नरैनी, पाई, रामपुर, रक्षपालपुर, खखरेरू, प्रेमनगर, अल्लीपुर, सिठौरा, संग्रामपुर, जगतपुर, बैरी, शिवदासपुर, नेवारपर, सिलमी, फतेहपुर टेकारी, अफोई सहित ज्यादातर गांवों के तालाबों पर अवैध कब्जे हो गए हैं।
तालाब की जमीनों पर बने आलीशान मकान तोड़ने के लिए जिला प्रशासन नाकाम हो रहा है। राजेश सिंह, मस्सन, दिलशाद, शिवभरोसे, अनुज, सुनील, तेजबहादुर सिंह ने बताया कि तहसील दिवस में की गई शिकायतों पर अफसर भी गंभीर नहीं हैं।
वहीं मटरू महराज, गंगासागर और राकेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि कभी कभार प्रशासन अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों की झुग्गी झोपाड़ी हटाकर खानापूरी कर देता है। एसडीएम बलराम सिंह ने बताया कि कई गांवों से तालाबों में अवैध कब्जे की शिकायतें आई हैं।