शीतलहर के कहर से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया
है। बारिश से बाद ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को दिन की
धूप भी गलनभरी सर्दी को कम नहीं कर सकी। सड़कों पर लोग ठिठुरते दिखाई दिए।
रिक्शा चालक, ठेला लगाने वाले गरीब भी ठंड से बचने के लिए चौराहों पर धूप
में खड़े रहे। स्वेटर पहने और मफलर बांधने के बाद भी लोग कांपते दिखाई दिए।
हाड़कंपाऊ ठंड अभी भी जारी है। कोहरे से तो छुटकारा मिल गया है, लेकिन
सर्दी में कमी होती नहीं दिखाई दे रही है। ठंड में सबसे अधिक गरीब बेसहारा
लोगों की समस्या बढ़ गई है। पर्याप्त ऊनी कपड़ा न होने से लोग घर से बाहर
नहीं निकल रहे हैं। ठंड की वजह से गरीबों पर रोजी रोटी का भी संकट आ गया
है।
मजदूरी करने वाले लोगों की घरों से निकलने की हिम्मत नहीं पड़ रही है।
ट्रेन से यात्रा करने वाले मुसाफिर स्टेशन पर ठिठुरते दिखाई दिए। दिन की
धूप में लोग छतों पर चढ़ कर ठंड से निजात पाने की कोशिश करते रहे। दिनभर
धूप होने की वजह से बच्चे मैदानों में क्रिकेट खेलते दिखाई दिए।
ठंड लगने से दो की मौत
ललौली थाना क्षेत्र कोर्रा के डडियार में केशव सिंह (55) की ठंड लगने से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि वह शुक्रवार की शाम जमुना किनारे मवेशी चराकर लौटे थे। इसके बाद से तबियत बिगड़ी थी। उनके सीने में सुबह तेज दर्द उठा था। नर्सिंग होम में भर्ती कराया। जहां से जिला अस्पताल रेफर किया था। जिला अस्पताल में डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
थाना क्षेत्र के हंसवा कस्बे में वृद्धा तेजनीपाल (70) की ठंड लगने से मौत हो गई। वृद्धा शनिवार की सुबह जंगल से वापस लौटी थी। घर आते ही उसे ठंड लगने लगी। परिजनों ने अलाव जलाया। इसी दौरान वह बेहोश होकर गिर पड़ी। परिजन उसे अस्पताल लेकर गए। जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।