हंसवा क्षेत्र के किसानों की समस्याएं कम होने का नाम
नहीं ले रही हैं। दैवीय आपदा से जूझ रहे किसान दोहरी मार झेल रहे हैं।
हालात यह है कि प्रकृति की मार के साथ-साथ विभागीय लापरवाही ने भी किसानों
की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले दस दिन से थरियांव व करमचंदपुर सांडा फीडर से
लोगों को केवल दो से तीन घंटे बिजली मिल रही है। जिससे सैकड़ों गांवों के
लोग प्रभावित हैं।
थरियांव व करमचंदपुरपुर सांडा फीडर से दस दिन से
ग्रामीणों को केवल दो से तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। जर्जर तार, खराब
इंसुलेटर व डिस्क के चलते आएदिन बिजली की सप्लाई ठप हो जाती है।
बर्बादी के
मुहाने पर खड़ा किसान विभागीय लापरवाही के कारण और भी मुुश्किल में है।
पिछले तीन सालों से किसानों का प्रकृति भी साथ नहीं दे रही है । फसल को
सिंचित न कर पाने की वजह से किसान की समस्याएं और बढ़ गईं हैं।
दस दिन से
ग्रामीण उपभोक्ता बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों के घरों के
मोबाइल तक नहीं चार्ज हो पा रहे हैं। पानी भरने के लिए लोग बिजली का इंतजार
करते रहते हैं। शेड्यूल बिगड़ने से लोगों की दिनचर्या में ‘ब्रेक’ लग गया
है।
अधिशासी अभियंता आरडब्ल्यू पाल ने कहा कि मामले को दिखवाता हूं, जो भी समस्या है अति शीघ्र
निस्तारित की जाएगी। अभी तक क्षेत्र से किसी प्रकार की शिकायतें नहीं
प्राप्त हो रही है। अलग से ट्रांसफार्मर मिलता है तो करमचंदपुर सांडा की
व्यवस्था की जाएगी जिससे एक जगह सप्लाई बंद होने पर दूसरा फीडर प्रभावित न
हो।
थरियांव फीडर बना सरदर्द
हंसवा। करमचंदपुर सांडा फीडर
की सप्लाई वाया थरियांव होती है। थरियांव फीडर की सप्लाई ब्रेक डाउन होने
से करमचंदपुर सांडा भी बंद हो जाता है, जोकि लोगों के लिए परेशानी का सबब
बना है। यदि सप्लाई करमचंदपुर के लिए अलग से कर दिया जाय तो एक जगह फाल्ट
होने से दोनों फीडर प्रभावित नहीं हो सकेंगे। ग्रामीण राजकुमार, कमल, बल्लू
आदि ने बताया कि इसकी शिकायत भी की गई है लेकिन कोई परिणाम नहीं निकल सका
है।
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