किशनपुर। क्षेत्र की ग्राम पंचायत कूरा में ओडीएफ प्लस योजना से स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए। लेकिन यहां जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। नाडेप व कंपोस्ट गड्ढों में दरारें, आरआरसी सेंटर की वीरानी और जंग लगे ई-रिक्शा इस योजना में हुई लापरवाही और भ्रष्टाचार की खुली तस्वीर पेश कर रहे हैं।
वर्ष 2023-24 में कूरा पंचायत को ओडीएफ प्लस घोषित कर गांव को साफ-सुथरा और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत सुसज्जित बनाने की योजना चलाई गई थी। इसके लिए पंचायत में आरआरसी सेंटर, नाडेप कम्पोस्ट गड्ढे, कूड़ेदान व घर-घर कूड़ा कलेक्शन के लिए दो ई-रिक्शा खरीदे गए थे। लेकिन आज यह सारी व्यवस्थाएं उजड़ चुकी हैं व पूरी तरह निष्क्रिय हैं। गांव में सफाई व्यवस्था नाम मात्र की है। नाडेप व कंपोस्ट गड्ढे टूट चुके हैं या गिरने की कगार पर हैं। ई-रिक्शा पंचायत भवन में खड़े-खड़े जंग खा रहे हैं और गांव में कूड़ा-कचरे के ढेरों से स्वच्छता की स्थिति खुद बयां कर रही है। गांव के लोगों ने बताया कि यह पूरी योजना सिर्फ कागजों पर ही लागू हुई है, जबकि जमीन पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा। ग्रामीणों ने सरकारी धन के दुरुपयोग और घटिया निर्माण के आरोप लगाए हैं।
बीडीओ रत्नाकर त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी नहीं है। यदि नाडेप कंपोस्ट व अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी पाई गई तो उन्हें दोबारा बनवाया जाएगा और गांव की सफाई व्यवस्था जल्द दुरुस्त की जाएगी।