दिगंबर जैन मंदिर में जैन धर्म के लोगों का शुक्रवार से महापर्व पर्वराज पर्यूषण की धूमधाम से शुरुआत की गई। पर्यूषण महापर्व लगातार दस दिनों तक दस धर्मों के रूप में मनाया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रक्षालन और पूजन किया गया। इसके बाद भजन कीर्तन का आयोजन हुआ।
नरेंद्र चंद्र जैन ने उत्तम रक्षा धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्रोध का अभाव या शमन होना धर्म कहलाता है। उबले दूध में पानी छिड़कने से नहीं बल्कि अग्नि निकाल देने पर ही दूध का उबलना बंद हो सकता है। इसी तरह संसारी प्राणी को जो क्रोध उत्पत्ति होती है, उसका कारण परिग्रह आदि है। इस मौके पर देवेंद्र जैन, दीपक जैन, संदीप जैन, अजय जैन, अनिल पप्पू जैन, शोभित, मुन्ना, ममता, पप्पन, अल्का, कांती जैन, मुस्कान आदि रहीं।