बीआरसी हंसवा में पति की मौत के बाद फंड और पेंशन के लिए बच्चे के साथ भटकती पत्नी।
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बाजार हंसवा निवासी बेसिक शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पत्नी आयशा बानो आठ महीने से बीआरसी के चक्कर लगा रही है। पति की मौत के बाद जीपीएफ और पेंशन आदि का भुगतान न होने से महिला अपने बच्चों के साथ आर्थिक तंगी से जूझ रही है। बीआरसी में महिला ने बताया कि फीस अदा न कर पाने से बच्चों का स्कूल से नाम कट गया है।
हंसवा निवासी कमर आलम उच्च प्राथमिक स्कूल छिछनी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। 30 मई 2016 को कमर आलम की दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद से पत्नी आयशा बानो पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आठ माह से बीआरसी फंड और पेंशन आदि के भुगतान की पत्रावली तैयार कराने के लिए चक्कर लगा रही है। इसके बावजूद न तो उसे फंड मिला और न अभी तक पेंशन ही मिल पाई है।
मंगलवार को वह बच्चे मो. शैब के साथ बीआरसी पहुंची और शिक्षकों के सामने फफक कर रो पड़ी। बताया कि उसके तीन बच्चे हैं, जिनमें नूरआलम (10), शीबा बानो (8) और छोटा बेटा मो. शैब (6)। बीएसए विनय कुमार ने बताया कि बीईओ हंसवा से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी जा रही है। महिला के सभी तरह के भुगतान जल्द से जल्द कराए जाएंगे।