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साहब, गेट का ताला खोल दीजिए, धान उठा ले जाएं

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फतेहपुर। साहब क्रय केंद्र का गेट खुलवा दीजिए, धान उठा ले जाएं। किसी दूसरे क्रय केंद्र पर या व्यापारी को धान बेच देंगे। शिवपुर के किसान रामेश्वर लोधी ने रूंधे गले से ये बातें कहकर अपनी समस्या बताई। सीतापुर साधन सहकारी समिति में कई किसान हैं, जिनका धान तौल के लिए पड़ा है या तौल तो हो गई लेकिन जिन्हें रुपये नहीं मिले हैं। धान कटौती के नाम पर वसूली का वीडियो वायरल होने के बाद से केंद्र बंद है। अब किसान बार-बार समिति के चक्कर लगा रहे हैं।
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पीसीएफ क्रय केंद्र सीतापुर में 21 दिसंबर को धान कटौती के नाम पर रुपये की वसूली का वीडियो वायरल हुआ था। जिसके बाद पीसीएफ प्रबंधक रोहित गुप्ता ने समिति के सचिव व पूर्व सचिव पर एफआईआर दर्ज कराते हुए खरीद पर रोक लगा दी थी। क्रय केंद्र पर करीब सात हजार क्विंटल धान जो किसानों से खरीदा गया, डंप पड़ा है। वहीं दो हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। जिसकी तौल कराई जानी है। 10 दिन बीत चुके हैं न तो किसानों की धान की तौल हो रही है और न ही क्रय केंद्र से किसानों को धान वापस मिल पा रहा है। समिति के गेट पर ताला बंद है। किसान वहां जाते हैं लेकिन कोई कर्मचारी नहीं मिलता है।
शिवपुर के रामेश्वर लोधी ने कहा कि 264 बोरी धान तौला गया था। तौल होने के बाद मशीन में अंगूठा नहीं लगा, तो सचिव ने नेटवर्क समस्या होने की बात कह कर लौटा दिया। उसी के दूसरे दिन से धान खरीद बंद हो गई है। अब धान कैसे मिलेगा यह समझ नहीं आ रहा है।
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नथनपुर गांव के रामकिशोर का धान तौल के लिए क्रय केंद्र में पड़ा है। किसान ने कहा कि रोज सहकारी समिति जाते हैं और ताला बंद होने के कारण लौट आते हैं। अब समझ नहीं आ रहा है कि क्रय केंद्र में पड़ा धान कैसे मिलेगा। अधिकारी भी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
करनपुर के किसान रामप्रकाश के धान की तौल हो गई है, लेकिन मशीन में अंगूठा नहीं लगा सका। किसान ने कहा कि 85 बोरी धान अब कैसे मिलेगा। यह जानकारी देने वाला समिति में कोई नहीं है। पुराने सचिव को बुलाकर तौल कराए गए धान को फीड कराना चाहिए।
नथनपुर के किसान रामकिशोर का धान सहकारी समिति में पड़ा है। किसान ने कहा कि खेत में बोई आलू, गेहूं की फसल में खाद का छिड़काव नहीं हो पा रहा है। धान का रुपया मिलने पर ही खाद खरीद कर लाएंगे और छिड़काव हो पाएगी। क्रय केंद्र पड़े धान को भी नहीं दिया जा रहा है।
समिति में सचिव की तैनाती कर दी गई है। सोमवार को तत्कालीन सचिव और तैनात किए गए सचिव को तौल कराए गए धान की ढुलाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। जितने धान की तौल कराने के बाद फीडिंग हुई, उतना ही राइस मिलर्स को दिया जाएगा। जो बचा हुआ धान है, उसे किसान उठा ले जाएं। इसके लिए दोनों सचिव को लगा दिया गया है।
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- रामनयन सिंह, सहायक निबंधक, सहायक आयुक्त सहकारिता
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