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Fatehpur News: ढाबा संचालक लोकेटर गिरफ्तार, कई और नाम आएंगे सामने

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फोटो-31-कोतवाली में गिरफ्तार देवांश। स्रोत आयोजक
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फतेहपुर। लोकेटरों की तलाश में कई दिनों से सक्रिय पुलिस ने बहुआ कस्बे के पार्थ ढाबा संचालक देवांश प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह प्रकरण में की गई पहली गिरफ्तारी है।
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गौरतलब है कि एसटीएफ ने 11 नवंबर को अफसरों और वाहन लोकेटरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद 23 नवंबर को खनन निरीक्षक विपेंद्र राजभर ने पार्थ ढाबा संचालक देवांश, बेरागढ़ीवा के रामू यादव एवं उसके सहयोगी, रायबरेली के कपिल तिवारी सहित आठ वाहन नंबरों के आधार पर लोकेटरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि ये लोग संगठित होकर खनिज वाहनों की लोकेशन देते थे और इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा था।
विवेचक अविनाश मिश्रा ने बताया कि ढाबे में खनिज वाहनों की एंट्री दर्ज की जाती थी और देवांश करीब 300 वाहनों की लोकेशन उपलब्ध कराता था। पुलिस को पूछताछ में उसका मोबाइल फोन नहीं मिला है। इसलिए बैंक विवरण और सीडीआर की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक इन सूचनाओं से कई और नाम सामने आने की संभावना है।
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लोकेशन गैंग का मास्टरमाइंड ठोकिया, ढाबा संचालक सिर्फ प्यादा

पार्थ ढाबा संचालक देवांश प्रताप सिंह पर दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस की जांच में लोकेशन गैंग का असली सरगना ठोकिया का नाम सामने आया है। जानकारी के अनुसार ढाबे से नेटवर्क का संचालन ठोकिया ही करता था और देवांश सिर्फ इस गैंग का एक प्यादा था। ठोकिया ने गैंग चलाने के लिए अपना नाम भी बदल रखा था और देवांश पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
ठोकिया मूल रूप से गाजीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। करीब 10 साल पहले बहुआ कस्बा में आया। यहां पहले अपने फूफा के घर रहा और साइकिल पर कपड़े की फेरी लगाता था। इसके बाद अलमारी और बक्सा बनाने का काम किया। इसके बाद वह नमकीन, कोयला, लकड़ी कटान और पशु तस्करी जैसे धंधों में सक्रिय हुआ। पशु तस्करी के वाहनों के लिए उसने पुलिस के कुछ अधिकारियों से मिलीभगत भी की।
करीब पांच साल पहले ठोकिया का संपर्क ढाबा संचालक देवांश से हुआ। इसके बाद धीरे-धीरे उसने लोकेशन और वाहनों की एंट्री का काम बढ़ाया। इस काम में ढाबा ठोकिया का मुख्य ठिकाना बन गया और बहुआ कस्बा से गुजरने वाले वाहनों को वह लगातार लोकेशन देने लगा।

इसके धंधे को कोराईं बाईपास मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के बाद नई राह मिली। ठोकिया वाहनों को गाजीपुर मार्ग से निकालता था और इसके एवज में गाजीपुर और ललौली पुलिस के नाम पर वसूली करता था।

फोटो-31-कोतवाली में गिरफ्तार देवांश। स्रोत आयोजक

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