फोटो-14-जुलूस निकालते शिया समुदाय के लोग। संवाद
जहानाबाद। कर्बला के शहीदों और कैदखाने में बंधक बनाई गई महिलाओं की रिहाई की याद में रविवार को थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर में चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया। जुलूस निर्धारित मार्गों से होता हुआ शाम को कर्बला में समाप्त हुआ।
जुलूस के पूर्व गांव के बड़े इमाम बारगाह में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सैय्यद जमीर हैदर करारवी ने कहा, कर्बला में हजरत हुसैन ने इंसानियत, भाईचारा और महिलाओं का सम्मान बचाने के लिए 72 कुर्बानियां देकर इंसानियत को बचाया था।
लेकिन अहंकारी, क्रूर और आतंक के जन्मदाता यजीद के खराब कार्यों का समर्थन नहीं किया। बाद में मजलिस मातमी जुलूस अलम, ताबूत, ज़ुलजनाह और अमारी के हमराह निकाला गया। इसमें अंजुमन गुन्चये नकविया मिर्जापुर के नौहाख्वान मेराज नकवी, मोनिस, नासिरूल अजा प्रयागराज, सिपाहे अली अकबर कानपुर, सदकये जहरा कौशांबी आदि शामिल रहे।