फतेहपुर। जनपद में गुरुवार को नवरात्र के पहले दिन भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही मां की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना व मंत्रोच्चारण के साथ पंडालों में प्राण-प्रतिष्ठा की गई। मां के भजनों से पंडालों में भक्तिमय माहौल रहा। शाम को संध्या आरती की गई। आरती के दौरान सभी पंडालों में आसपास के श्रद्धालु उमड़ पड़े। पंडालों भजन-कीर्तन का आनंद लिया। सभी को प्रसाद वितरण किया गया। अब नौ दिन यह सिलसिला जारी रहेगा।
जनपद में 1892 और शहर में 139 पंडाल बनाए गए हैं। इसके अलावा जनपद में 15 जगहों पर रामलीला आयोजित की जाएगी। 21 जगहों पर रावण दहन किया जाएगा। शहर में रेलवे स्टेशन के पास दुर्गानगर स्थित दुर्गा मंदिर में सबसे बड़ा पंडाल बनाया गया है। यहां सबसे बड़ी सात फीट की प्रतिमा स्थापित की गई है। इसी तरह चौक स्थित शीतला माता मंदिर, पटेल नगर व राधानगर में बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। सभी पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यहां एक हेड कांस्टेबल व एक सिपाही तैनात किया गया है। साथ ही पूरा पंडाल सुरक्षा समिति भी बनाई गई है, जो सुरक्षा से संबंधित जिम्मेदारियां सुनिश्चित करेंगे।
रंगबिरंगी लाइटों से जगमगाया शहर
जनपद के सभी जगह पंडालों को बहुत ही भव्य तरीके से सजाया गया है। यह रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा रहे हैं। पंडालों के आसपास 500 मीटर दूर तक साज-सज्जा की गई है। इस तरह शहर ही नहीं पूरा जनपद चमक उठा है। पंडालों की सुंदरता देखते बन रही है। यह सजावट बच्चों ही नहीं बड़ों के लिए भी आकर्षण केंद्र बनी हुई है। नवरात्र के पहले दिन सभी पंडाल भजनों के स्वर और भक्तों के जयकारों से गूंज उठे। मां का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की लाइन लगी रही। अब पंडालों में रोजाना कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जगराता में होने वाले भजन-कीर्तन में भक्त झूमते नजर आएंगे।
जगह-जगह बने पंडाल, स्थापित की गई मां शेरावाली की प्रतिमा
जहानाबाद। नवरात्र के पावन पर्व पर कस्बे में जगह-जगह मां दुर्गा की प्रतिमाओं को पंडालों में स्थापित किया गया। मोहल्ला कटरा चुनपुज, रोडवेज बस स्टैंड, सुंदरपुर कछेउरा व गढ़ी समेत कई मोहल्लों में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की शोभायात्रा निकाली। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कर पंडालों में प्रतिमाओं को स्थापित किया। सिद्ध धाम अंबिका देवी, दुर्गा देवी, शीतला देवी व काली मंदिर में शक्ति की देवी की उपासना के लिए सुबह से ही भक्तों ने पुष्प माला, धूप व नैवेद्य अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।