थाना क्षेत्र के भलेवा गांव में शुक्रवार शाम को फसल बर्बादी देखकर किसान को दिल का दौरा पड़ गया। इलाज के लिए लेकर जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
किसान ने बेटी की शादी तय कर दी थी। बेटी के हाथ पीले करने से पहले ही मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
गांव निवासी संतोष सिंह (52) पुत्र राम सिंह तीन बीघा का काश्तकार था। उसने चना और गेहूं की फसल लगाई थी।
बारिश और ओलावृष्टि से किसान की फसल को काफी नुकसान हो गया था। उसे फसल कटाई के बाद उम्मीद थी कि शायद कुछ अनाज निकल आएगा, लेकिन फसल का हाल बुरा ही रहा।
वह शुक्रवार शाम को खेतों से घर लौटा। अचानक घर में बेहोश हो गया। परिजनों ने उसको नर्सिंगहोम में भर्ती कराया।
जहां पर डाक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद हालत कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर लेकर जाते समय ही रास्ते में किसान की मौत हो गई।
मृतक की पत्नी रामा देवी ने बताया कि फसल बर्बाद होने की वजह के सदमे में पति को हार्ट अटैक पड़ा है। बेटी अंशू सिंह की गर्मियों में ही शादी कानपुर देहात के रतनपुर गांव में तय है। फसल से शादी को लेकर काफी उम्मीद थी। मृतक की बेटी और बेटों मनीष व आशीष का हाल बेहाल रहा है।