बाकरगंज पुलिस चौकी से करीब सौ मीटर दूर शनिवार रात बाइक सवार बदमाशों ने सर्राफ कारोबारी समेत दो व्यापारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। जेवरात व रुपयों भरा थैला लूट कर भाग निकले। गुस्साए लोगों ने पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की।
पुलिस पर पथराव किया। चौकी के सामने सामने शव रख रास्ता जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे एसपी से व्यापारियों की नोंकझोक हुई।
महादेवन टोला निवासी अरुण रस्तोगी ऊर्फ अन्नू महाजन (60) की लाठी मोहाल मोड़ पर सर्राफा की दुकान है। उनकी दुकान के सामने अरुण के पड़ोसी रमेश चंद्र रस्तोगी (50) की जनरल स्टोर की दुकान है। दोनों शनिवार रात करीब आठ बजे दुकान बंद कर पैदल ही घर के लिए निकले।
वे दुकान से करीब 100 मीटर दूर अपनी गली के अंदर मुड़े थे कि पीछे से आए बाइक सवार तीन बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दी और अन्नू के हाथ में मौजूद जेवरात से भरा थैला छीन कर फरार हो गए।
ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने दोनों को लहूलुहान स्थिति में जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों व्यापारी अस्पताल पहुंचे।
पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। वे पहले अस्पताल के सामने शव रखकर रास्ता जाम कर दिए। फिर शव लेकर बाकरगंज पुलिस चौकी के सामने पहुंचे और वहीं शव रखकर रास्ता जाम कर दिया। गुस्साए लोगों ने पुलिस चौकी में भी तोड़फोड़ कर दी।
आक्रोश बढ़ता देख मौके पर पीएसी बुला ली गई। साथ ही खागा, बिंदकी सर्किल की फोर्स भी मौके पर पहुंची। भारी संख्या में फोर्स आते देख व्यापारियों ने पथराव भी किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे एसपी सालिग राम वर्मा से व्यापारियों की नोंकझोंक हुई।
रात करीब 11.15 बजे एसपी ने चौकी प्रभारी को निलंबित करने एवं कोतवाली प्रभारी को हटाने का आश्वासन दिया। तब जाकर व्यापारी शांत हुए और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक अन्नू रस्तोगी के बेटे वरुण रस्तोगी के मुताबिक लूटे गए बैग में करीब पांच लाख के जेवरात व नगदी होने की संभावना है। एसपी ने बताया कि मृतक के बेटे की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।