फतेहपुर। उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के तीसरे और अंतिम दिन शनिवार को अभ्यर्थियों को पर्यावरण और विज्ञान के कुछ प्रश्नों ने उलझा दिया। अभ्यर्थियों का कहना था कि इन विषयों के कुछ सवाल अपेक्षाकृत कठिन थे। हालांकि कुल मिलाकर प्रश्न पत्र संतुलित रहा और आसानी से हल हो गया। परीक्षा में 2,736 पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष 2640 शामिल हुए जबकि 96 अनुपस्थित रहे।
जिले के सात परीक्षा केंद्रों पर आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए 2,736 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। सुबह 7:15 बजे से जांच के बाद उन्हें प्रवेश दिया गया। परीक्षा सुबह 9:30 से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चली।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। उनका कहना था कि प्रश्न पत्र अधिक कठिन नहीं था लेकिन पर्यावरण और विज्ञान के कुछ प्रश्नों को हल करने में समय लगा। इसके बावजूद अधिकांश प्रश्न आसानी से हल हो गए। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि यदि प्रश्न पत्र पूरी तरह आसान हो तो परीक्षा का महत्व कम हो जाएगा। कुल मिलाकर प्रश्न पत्र मिला-जुला रहा।
अंतिम दिन परीक्षा एक ही पाली में आयोजित हुई। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की कतारें लग गई थीं। तलाशी के बाद उन्हें केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा में 2,640 अभ्यर्थी उपस्थित रहे जबकि 96 ने परीक्षा छोड़ दी।
अंत में कठिन सवालों का जवाब दिया
आंचल ने बताया कि उनका प्रश्न पत्र अच्छा रहा। विज्ञान के कुछ सवालों को हल करने में थोड़ी दिक्कत आई, लेकिन उन्होंने पहले आसान प्रश्न हल किए और अंत में कठिन सवालों का जवाब दिया। इससे पूरा पेपर आसानी से पूरा हो गया।
पलक ने बताया कि विज्ञान के साथ-साथ पर्यावरण के कुछ प्रश्नों को हल करने में परेशानी हुई। हालांकि कुल मिलाकर प्रश्न पत्र अच्छा रहा और उन्होंने पेपर आसानी से पूरा कर लिया।
फोटो-12-परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी। संवाद
फोटो-12-परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी। संवाद
फोटो-12-परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी। संवाद