रक्षा बंधन की नजदीकी के साथ ही रोडवेज व रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। पर्व के ऐन मौके पर अपने गंतव्य पर पहुंचने के लिए लोगों में खासी बेताबी है। हालात यह है कि अनारक्षित व आरक्षित यात्रा करने की होड़ है। जिसके चलते बुकिंग विंडों में गहगागहमी दिखाई दे रही है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि फिलहाल इनवर्ट ट्रैफिक में ही कुछ हद तक बढ़ोतरी हुई है।
दिल्ली-हावड़ा रूट पर फर्राटा भरने वाली ट्रेनों के कूपों के हालात पहले के जैसे हैं, जिसके चलते आदर्श रेलवे स्टेशन के अनारक्षित टिकट घर से लेकर आरक्षित टिकट घर की आमदनी में खास इजाफा नहीं हुआ है। हालात यह है कि मौजूदा समय में भी हरेक दिन जिले के सबसे बड़े स्टेशन का लोड फैक्टर पहले की तरह है। चीफ बुकिंग सुपरवाइजर सुरेंद्र पाल कहते हैं कि इस समय सीजन डाउन चल रहा है। इधर दो दिन से रक्षा बंधन के चलते यात्री संख्या में गिरावट भी दर्ज की गई है। रिकार्ड के मुताबिक किसी दिन पांच हजार, किसी दिन चार हजार तो किसी दिन ढाई हजार यात्री का रेश्यू चल रहा है। इस प्रकार से औसतन रोजाना तीन से चार हजार के बीच सिमट रहा है। उधर, अनारक्षित यात्रा का भी यही हाल है। यहीं कारण है कि दीपावली व होली जैसी रंगत आरक्षण केंद्र में देखने को मिल रहा है। आरक्षण केंद्र के मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक अशोक कुमार सोनकर कहते हैं कि रोजाना बमुश्किल तीन से साढ़े तीन सौ के बीच आरक्षण हो रहे है। यह रेश्यू पहले से चल रहा है। ऐसे में रक्षा बंधन को लेकर यात्रियों की संख्या में इजाफा होने की बात करना बेमानी है।