यदि नगर पालिका का जलकर व गृहकर बकाया है तो जल्द ही 31 मार्च के पहले जमा कर दें। मार्च में कर जमा करने से चूके तो अप्रैल यानी नए वित्तीय वर्ष 2015-16 में जेब ढीली करनी पड़ेगी। मार्च के बाद टैक्स जमा करने में बिल राशि के साथ दस फीसदी अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा।
उधर, विभागीय लापरवाही का हाल यह है कि पालिका की ईओ से लेकर कर संग्रहकर्ताओं के पास न तो लक्ष्य का आंकड़ा है और न तो अब तक हुई वसूली का ब्यौरा।
नगर पालिका टैक्स वसूली में फिसड्डी साबित हो रही है। मार्च माह की समाप्ति होने में सिर्फ पांच दिन का समय शेष है लेकिन मजे की बात तो यह है कि पालिका ने अब तक कितनी वसूली की और कितना लक्ष्य है इसकी जानकारी देने वाला कोई नहीं है।
पिछले दिनों जिलाधिकारी ने बैठक कर शत प्रतिशत वसूली के निर्देश दिए थे लेकिन पालिका प्रशासन तेजी नहीं ला पा रहा है। पालिका के मुताबिक राधानगर में सुरेंद्र नारायण गुप्ता का एक लाख 16 हजार 757 रुपये जलक र और गृहकर बकाया है।
इसी प्रकार देवीगंज के अंजनी चौरसिया का 17 हजार 120 रुपये, देवीदयाल का 45 हजार 534 रुपये, महादेव पुत्र राम भरोसे का 40 हजार 56 रुपये, मुन्नी कुंवर पुत्र जय नारायण दुबे का 38 हजार 698 रुपये, राजरानी पांडेय पत्नी राम किशोर पांडेय का 15 हजार 952 रुपये बकाया है।
इसी प्रकार सुशील कुमार गुप्ता पुत्र राम नरायण का एक लाख 74 हजार 39 रुपये तथा राजेंद्र भान सिंह पुत्र बलवंत सिंह राधानगर का सात लाख 70 हजार 925 रुपये जलकर और गृहकर बकाया है।
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कर संग्रहकर्ताओं की संख्या भी कम
फतेहपुर। नगर पालिका में कर संग्रहकर्ताओं की कमी है। तीस वार्ड में डेढ़ सौ मोहल्ले हैं लेकिन टैक्स वसूलने के लिए पालिका के पास सिर्फ आधा दर्जन कर संग्रहकर्ता ही हैं। ऐसे में टैक्स वसूली के लिए डोर टू डोर अभियान नहीं चल पाता है।
‘टैक्स वसूलने के लिए नगर पालिका में पांच काउंटर बनाए गए हैं। कर अधीक्षक से बड़े बकाएदारों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। टैक्स जमा न करने वालों की रिपोर्ट तहसील को भेजी जाएगी।’ - रश्मि भारती, अधिशासी अधिकारी।