फतेहपुर। आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिह्नांकन के साथ उनके नामांकन के लिए सर्वे कराया जाएगा। यह कार्य डायट प्राचार्य आरती गुप्ता की देखरेख में डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से होगा। सर्वे शुरू होने से पहले प्रशिक्षुओं को कार्यशाला के जरिये सर्वेक्षण की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्कूल चलो अभियान के दौरान शिक्षकों ने छह से 14 वर्ष आयु वर्ग के आउट ऑफ स्कूल बच्चों का चिह्नांकन कर उनका आयु के अनुसार कक्षाओं में नामांकन कराया था। ऐसे छात्र जो नामांकन के बाद बीते शिक्षा सत्र में 30 दिनों से अधिक अनुपस्थित रहे हों या वार्षिक मूल्यांकन में 35 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त किए हों उन्हें ड्रॉप आउट माना जाएगा।
आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिह्नांकन का सर्वे प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की देखरेख में बीटीसी अथवा डीएलएड प्रशिक्षुओं से कराया जाएगा। डायट प्राचार्य ने बताया कि प्रशिक्षु आवंटित विद्यालयों की बस्तियों, मजरों और वार्डों में जाकर सर्वे करेंगे। उन्हें विद्यालयवार परिवार सर्वेक्षण प्रपत्र, आउट ऑफ स्कूल बच्चों के सर्वेक्षण प्रपत्र तथा सर्वे में प्रयुक्त कोड सूची उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशिक्षु आउट ऑफ स्कूल बच्चों की सूची दो प्रतियों में प्रधानाध्यापक को सौंपेंगे। प्रधानाध्यापक एक प्रति अपने पास रखेंगे और दूसरी सत्यापित कर वापस करेंगे। आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिह्नांकन और नामांकन का विवरण प्रधानाध्यापक शारदा व डीबीटी ऐप पर अपलोड करेंगे। परिवार सर्वेक्षण प्रपत्रों का विवरण 30 अगस्त तक अपलोड किया जाएगा।
यदि सर्वेक्षण में कोई परिवार छूट गया हो या परिवार के सदस्यों के विवरण में बदलाव हुआ हो तो उसका संशोधन भी किया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।