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फतेहपुर में यमुना में डूबने से मौसेरे भाई-बहन की मौत

Sun, 26 May 2019 12:20 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा अमर उजाला ब्यूरो
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kins of deceased - फोटो : kins of deceased
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किशनपुर कस्बे में यमुना नदी में डूबकर शनिवार को मौसेरे भाई-बहन की मौत हो गई। दो बच्चों को लोगों ने मशक्कत कर बचा लिया। बच्चे परिवार के साथ नदी में मंडप प्रवाह कराने गए थे। घटना से शादी वाले परिवार में खुशियों की जगह मातम फैल गया। मृतकों में दूल्हे की किशोरवय सगी बहन थी। पुलिस मौके पर छानबीन को पहुंची। परिजनों ने पुलिस को पोस्टमार्टम कार्रवाई से मना किया।
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कस्बा निवासी संतोष सोनकर के बेटे धर्मेंद्र की 23 मई को शादी थी। समारोह में धाता कस्बे में रहने वाले दूल्हे के मौसा कंचन सोनकर का परिवार आया था। रिश्तेदार, पड़ोस के लोगों के साथ परिवार मंडप प्रवाह की रस्म अदा करने सुबह लगभग आठ बजे यमुना नदी घाट पर गया था। कंचन सोनकर का बेटा अंकित (12), अर्पित (14), दूल्हे की बहन मनीषा (14), फूलचंद्र का बेटा राहुल (13) भी साथ गए थे। साथ गए कई रिश्तेदार मंडप प्रवाह कर लौट आए। कुछ लोगों के साथ मनीषा, अंकित ,राहुल, अर्पित यमुना में नहाने लगे। सगे भाई अंकित और अर्पित डूबने लगे। शोर मचाते हुए मनीषा और राहुल दोनों को बचाने के लिए बढ़े। वह भी जलधारा की गहराई में चले गए। आसपास मौजूद दीपक, इंद्रजीत, शमसेर ने चारों बच्चों को बचाने के लिए छलांग लगा दी। मशक्कत कर अर्पित, राहुल को पानी से बाहर निकाल लिया। दोनों को नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद गहराई में फंसे अंकित, मनीषा को बाहर निकाला गया। नर्सिंग होम में दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। एसओ कमलेश कुमार पाल के समझाने बुझाने के बाद भी परिजन पोस्टमार्टम को तैयार नहीं हुए। एसओ ने बताया कि दोनों शव पंचनामा भरकर परिजनों को सौंपे गए हैं।
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किशनपुर(फतेहपुर)। मौसेरे भाई-बहन की मौत पर परिवारीजन खुद को कोसते दिखाई दिए। उनका कहना था कि हड़बड़ी में बच्चों को नहाने के लिए छोड़कर न जाते तो शायद इतना दुखद वाकया न होता। थोड़ी सी नासमझी परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे गई।
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 किशनपुर थाने के कस्बे के संतोष सोनकर की बेटी मनीषा कक्षा छह की छात्रा थी। मनीषा बड़े भाई धर्मेंद्र की शादी से बहुत खुश थी। वह तीन भाइयों और चार बहनों में सबसे छोटी थी। मनीषा के पिता संतोष सोनकर और मां ननकी का रो- रो कर हाल बेहाल दिखा। उनके दरवाजे में दोनों बच्चों के शव रखे गए। सैकड़ों ग्रामीण बच्चों के अंतिम बार देखने पहुंचे। परिजनों ने बताया कि वह लोग घाट से चले आए थे। सोचा कि बच्चे किनारे से नहाकर बाहर आ जाएंगे। उनकी तनिक सी यह लापरवाही भरी सोच बच्चों की मौत का सबब बन गई। उधर, धाता का अंकित सोनकर भाई अर्पित के साथ मौसा के घर शादी में आया था। परिजनों ने बताया कि पिछले तीन दिन से यमुना में नहाने की जिद कर रहा था। मां राधा ने दोनों बेटों को बच्चों के साथ नहाने की छूट दी थी। राधा बोली बच्चों का ध्यान नहीं दे सकी, जिसकी वजह से बेटा खो दिया। अंकित कक्षा पांच में पढ़ता था। राहुल शादी वाले घर का पड़ोसी है। दरअसल नदी किनारे के बच्चे भी तैराकी के शौकीन होते हैं। बचपन से उनका नदी में आना जाना होता है। इस बात से परिवार के लोग निश्चिंत रहते हैं।  

किशनपुर कस्बे के यमुना नदी घाट में मई का महीने में पहले भी लोगों की डूबकर जान जा चुकी है।  पिछले साल जलंधरपुर गांव के दो बच्चे यमुना में डूबे थे। एक बच्चे गोरेलाल की मौत हुई थी। वह  महाराष्ट्र से नानी के घर गर्मियों की छुट्टी बिताने आया था। इसी परिवार का 2017 की मई में डूबकर मर गया था। 2016 में सरसई से अपने बुआ के घर युवक एकडला घाट में मई महीने डूब गया था।
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