औंग। पांडु नदी में बेमौसम लगातार पानी बढ़ने और कटान से आसपास के दो गांव को खतरा उत्पन्न हो गया है। बारिश के मौसम में खरीफ की फसल में पांडु नदी के कटान ने तबाही मचा दी थी। अब रबी की फसल में यह नजारा देेख किसान सशंकित हो गए हैं। नहर के पानी व कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश से नदी में पानी का बहाव तेज है। तटवर्ती क्षेत्र में कटान शुरू हो गया है।
मलवां ब्लाक के अभयपुर ग्राम पंचायत के बिंदकी फारम, आशापुर ग्राम पंचायत के बेनी खेड़ा गांव के लोगों के खेत नदी के किनारे दोनों ओर हैं। पानी का बहाव तेज होने से कटान हो रहा है। दिन भर में दो से तीन फुट मिट्टी नदी में समा रही है। इसमें बोई हुई फसलें नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। बेनी खेड़ा गांव के रामअवतार ने बताया नदी की जलधारा बर्बाद करने पर तुली है। इस समय गेहूं, टमाटर, चना की फसलें बोई हैं। बिंदकी फार्म के योगेंद्र पाल ने कहा कि बाढ़ से खतरा नहीं है। पानी के तेज बहाव से हो रहा कटान बहुत खतरनाक है। यहां के ऊपरी सतह की मिट्टी तो मजबूत है, लेकिन नीचे की मिट्टी बालू मिश्रित है। जो थोड़े से पानी के बहाव में कटने लगती है। नीचे से कटान होने पर ऊपरी सतह की जमीन नदी मेें ढह जाती है। बिंदकी फारम के अचल बहादुर, मोनू ने बताया बाढ़ के समय जिले के आला अधिकारी व मंत्री सभी आए थे। सब ने ऊंचाई वाले स्थान में जगह व सरकार से प्रधानमंत्री आवास दिलाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन आज तक सिर छिपाने के लिए ना तो जगह मिली और न ही आवास मिला है। हर साल बाढ़ आने पर ऊपरी हिस्से की जमीन में कैंप लगाकर रहना पड़ता है।