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.लग गई ददुआ की मंदिर में मूर्ति

Mon, 15 Feb 2016 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
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दस्यु शिव कुमार पटेल उर्फ ददुआ के साथ उनकी पत्नी की मूर्ति स्थापना पर जारी अटकलों को रविवार विराम लग गया। ददुआ के परिजनों ने बड़े ही गोपनीय ढंग से दोनों की मूर्तियां दस्यु के ही बनवाए गए शिवहरे रामजानकी मंदिर में स्थापित कर दीं। यह काम महज 30 मिनट में पूरा हो गया। इस दौरान मंदिर के मुख्यद्वार बंद रखा। मूर्ति स्थापना के दौरान पुलिस का मंदिर के बाहर पहरा रहा।
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धाता ब्लाक के नरसिंहपुर कबरहा में यह मंदिर बना है। चार फरवरी से शुरू हुए 10 दिवसीय धार्मिक महोत्सव के दौरान ही दस्यु समेत उनकी पत्नी, माता व पिता की भी मूर्तियां भी स्थापित कराने का ऐलान किया गया था।

हालांकि मंदिर में ददुआ की मूर्ति लगाए जाने के मामले में उठ रहे विरोध स्वरों को देखते हुए परिजन खुल कर जरूर कुछ नहीं बोल रहे थे। गुरुवार की रात ददुआ की माता कृष्णा देवी व पिता राम प्यारे की मूर्तियां मंदिर के गेट में घुसते ही उत्तर दिशा में स्थापित करा दी गई थीं।
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अमर उजाला ददुआ की मंदिर में मूर्ति स्थापित किए जाने से संबंधित खबरों को लगातार प्रकाशित कर रहा था। 12 फरवरी के अंक में बिस्तर से ढका मूर्ति स्थापित कराने के लिए बनाए गए फाउंडेशन का फोटो समेत खुलासा किया था। इसके अलावा 14 फरवरी के अंक में मौका लगते लगेगी ददुआ की मूर्ति शीर्षक से खबर प्रकाशित की।

खबर में जिक्र था कि कबीना मंत्री शिवपाल ङ्क्षसह यादव का कार्यक्रम मिलने की वजह से ददुआ और पत्नी केतकी देवी उर्फ बड़ी की मूर्ति 13 फरवरी की रात या फिर शिवपाल के जाने के बाद लग सकती है।

ऐसी चर्चा रही कि रविवार को अचानक कबीना मंत्री के धार्मिक महोत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम रद्द हो जाने के बाद आयोजकों ने मूर्ति स्थापना का फैसला ले लिया।

पूर्वांह् 10 बजकर 45 मिनट पर इस मंदिर का मुख्यद्वार बंद कर दिया गया। मंदिर के अंदर ददुआ के भाई व मिर्जापुर के पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल, उनकी पत्नी कृष्णा देवी, बेटा व कर्वी विधायक वीर ङ्क्षसह, भतीजा व पट्टी विधायक राम ङ्क्षसह, बेटी व पूर्व ब्लाक प्रमुडख धाता चिरौंजी देवी व बेटी राधा देवी के अलावा सुधीर कुमार, राकेश कुमार, कल्लू ङ्क्षसह व शिव भवन सिंह मौजूद थे।

पूर्वांह्  सवा 11 बजे मंदिर का मुख्यद्वार खोल दिया गया। मंदिर मेें माथा टेकने पहुंचे लोग अंदर दाखिल हुए तो देखा कि गेट के बाएं दक्षिण दिशा में ददुआ और उनकी पत्नी की मूर्ति स्थापित हो चुकी है।
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