फतेहपुर। अखरी गांव के चर्चित तिहरे हत्याकांड में सोमवार को होने वाली जिरह टल गई। एडीजे कोर्ट संख्या-चार की न्यायाधीश चेतना चौहान की अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 14 सितंबर की तारीख तय की है। कौशाम्बी जेल में निरुद्ध आरोपियों के कोर्ट में पेश न होने के कारण बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह से इन्कार कर दिया।
हथगाम थाना क्षेत्र के अखरी गांव में आठ अप्रैल 2025 को वर्चस्व की रंजिश में भाकियू टिकैत गुट के किसान नेता विनोद सिंह (45), उनके भाई अनूप सिंह (40) और अनूप के पुत्र अभय प्रताप सिंह (21) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने गांव के पूर्व प्रधान सुरेश उर्फ मुन्नू सिंह, उनके पुत्र पीयूष सिंह, भूपेंद्र, सज्जन, विवेक और जान उर्फ विपुल के खिलाफ हत्या, बलवा समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई थी। दोनों मुकदमे अलग-अलग अदालतों में विचाराधीन हैं।
तिहरे हत्याकांड के मुकदमे में मुख्य गवाह की गवाही पूरी हो चुकी है। अब आरोपियों की ओर से गवाह से जिरह होनी है। पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध न होने के कारण कौशाम्बी जेल में बंद आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश नहीं किया जा सका। उनकी अनुपस्थिति में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह से इंकार कर दिया। इस पर अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 14 सितंबर की तारीख निर्धारित की।
मारपीट में दोषी को एक हजार का अर्थदंड
फतेहपुर। एसीजेएम कोर्ट संख्या दो के न्यायाधीश ने मारपीट में सोमवार को आरोपी को दोषी करार दिया। असोथर थाना क्षेत्र के झब्बापुर गांव निवासी कैलाश के खिलाफ 2022 में मारपीट व गाली गलौज की प्राथमिकी दर्ज की थी। कोर्ट ने अंतिम सुनवाई के बाद कैलाश पर एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय में उठने तक की सजा में दोषी को दंडित किया है।
दुर्घटना में दोषी को 2500 रुपये का अर्थदंड
फतेहपुर। जेएम कोर्ट के न्यायाधीश ने सड़क दुर्घटना के मामले में सोमवार को आरोपी को दोषी करार दिया। गाजीपुर थाना क्षेत्र के शाह कस्बा निवासी देवी प्रसाद को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाते हुए 2500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। पुलिस ने वर्ष 2024 में देवी प्रसाद के खिलाफ सड़क दुर्घटना के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उसे दोषी माना।