औंग थाना क्षेत्र में डेयरी मालिक लूटकांड मामले में पुलिस सरगर्मी से सुल्तानपुर जिले के बदमाश की टोह लेने में जुट गई है। घटना में शामिल गैरजनपदीय बदमाशों ने अपने गैंग को जेल में रहकर तैयार किया।
जब किसी घटना को अंजाम देना होता था तो सब निश्चित स्थानों पर पहुंच जाते हैं।औंग थाना क्षेत्र के रामपुर मोड़ में डेयरी मालिक श्रीपाल पांडेय को कट्टे के बल पर लूटने वाले बदमाशों में चार हीरालाल वर्मा ऊर्फ अजय वर्मा पुत्र जवाहर लाल निवासी सरसी थाना कंधई और जावेद पुत्र स्व. मोबीन निवासी ताला थाना जिला प्रतापगढ़ को दबोचा था।
इनके साथ अखिलेश पुत्र धनीराम, राजकिशोर पुत्र रामदीन निवासी कृष्णापुर मजरे शिवराजपुर के गिरफ्तार हुये थे। वहीं लूट की नौ लाख रकम में तीन लाख रुपये लेकर बाबा निवासी सुल्तानपुर जिला फरार चल रहा है।
प्रतापगढ़ के दोनों बदमाशों और सुल्तानपुर जिले के फरार शातिर बाबा के बीच का कनेक्शन पुलिस ने खोजा है। प्रतापगढ़ जेल में हीरालाल और जावेद एक साथ बंद रहे हैं। वहीं से दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई थी।
वहीं जावेद की सुल्तानपुर के बदमाश बाबा से मुलाकात जेल में हुई थी। इस तरह से पूरे गैंग ने प्रतापगढ़ जेल में ही जन्म ले लिया था। बदमाशों के खिलाफ अपराधों की लंबी फेहरिस्त है।
जिला पुलिस ने गैंग के शातिरों में हीरालाल और जावेद को पकड़ा है। अब पुलिस के लिये गैंग का खूंखार बदमाश बाबा चुनौती बना है। पुलिस बाबा को जल्द नहीं गिरफ्तार कर पायेगी तो उससे पार मौजूद भारी लूट की रकम तीन लाख से हाथ धोना पड़ सकता है।
एसओ अजय सेठ ने बताया कि बदमाश की तलाश के लिये टीम गठित की गई है। सही लोकेशन पर टीम उसे दबोचने के लिए रवाना होगी। जल्द ही शातिर बाबा पुलिस की गिरफ्त में होगा। इन बदमाशों का नेटवर्क जेल से तैयार होता है।
तस्करों की पनाहगाह है जिला
जिले में मादक पदार्थ तस्करों की जड़ें गहराई तक हैं। काले कारोबार में
अकूत दौलत की बदौलत कुछ पुलिस कर्मियों पर भी धंधेबाजों ने अपने जाल में
फंसा रखा है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे तीन माह से शहर में
वर्मा चौराहे पर ठिकाना बनाए थे। जिले में स्टेशन और बस अड्डे की दूरी
काफी कम है। आसानी से किसी भी जनपद जाने के लिये ट्रेन और बसों तक मादक
पदार्थ के साथ पहुंचा जा सकता है।
हरिहरगंज चौकी पुलिस ने रेलवे गोदाम
दुर्गा नगर के पास से पंकज कुमार पुत्र बालकृ ष्ण हयारण निवासी ठठराही
बिंदकी, पवन कुमार पटेल पुत्र दयाराम पटेल निवासी मुसुवापुर जाफरगंज और ऋ
षि कुमार पुत्र रामकुमार निवासी दिलावरपुर बिंदकी को दस लाख की चरस और
लाखों रुपये के गांजे के साथ गिरफ्तार किया था।
आरोपियों को पुलिस ने
शनिवार दोपहर को जेल भेजा है। पुलिस की शुक्रवार रात पूछताछ में आरोपियों
ने कबूल किया कि वह तीन माह से वर्मा चौराहे इलाके में नौ सौ रुपये महीने
के कमरे में रहते थे। उन लोगों ने गैरजनपदों में मादक पदार्थ सप्लाई के
लिये शहर को प्वाइंट बनाया था।
यहां से स्टेशन और बस अड्डे की दूरी
काफी कम है। इसी वजह से आसानी से किसी भी जनपद जाने के लिये ट्रेन और बसों
तक मादक पदार्थ के साथ पहुंचा जा सकता है।
उनकी किस्मत खराब थी कि मेरठ
जाने वाले ट्रेन ठंड की वजह से रद्द हो गई थी। इसलिये रात के दो बजे वापस
बाइक से घर लौट रहे थे। तभी चेकिंग के दौरान धरे गये हैं।
तस्करों ने चंद
दिनों में ही कामयाबी की बुलंदियों को छू लिया है। अब उनके पास करोड़ों
रुपये, आलीशॉन बिल्डिंग और राजनैतिक दबदबा हो गया है। इन दिनों पीरनपुर का
गांजा और स्मैक तस्कर का धंधा जोरों पर चल रहा है।
पीरनपुर का रहने वाला
तस्कर कई ट्रकों का मालिक बन बैठा है। वह अपने ट्रकों से ही बिहार प्रांत
गांजे की खेप मंगाता है। उसकी खेप एसओजी ने मलवां और कल्यानपुर में कई माह
पूर्व पकड़ी थी।
इसके बाद भी उसके काले कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ा है।
इसी तरह बसपा के एक सफेदपोश के घर पर तत्कालीन एसपी राजेंद्र सिंह और उसके
बाद दोबारा एसओजी ने छापा मारकर गांजे की बड़ी खेप बरामद की थी।
इस सफेद
पोश को काले कारोबार ने फर्श से अर्श के मुकाम तक पहुंचाया है। अब काफी
दिनों से पुलिस इनके ऊपर हाथ डालने से कतरा रही है।