धार्मिक स्थलों पर चोरी की वारदातें थम नहीं रही हैं। शुक्रवार की रात चोरों ने ऐतिहासिक सिद्धपीठ जागेश्वर मंदिर से अष्टधातु निर्मित भगवान शेषनाग की मूर्ति उठा ले गए। थानाक्षेत्र में 48 घंटे के भीतर यह पांचवीं वारदात है। इसके पूर्व मसजिद व चार मंदिरों में चोरी की घटनाएं हुईं। घटना को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।
सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष शिवमंगल सिंह ने बताया कि मंदिर के पुजारी ने मूर्ति को बक्से में रखा है। वह इलाहाबाद गए हैं। लौटने पर मूर्ति मिल जाएगी।
असोथर थाना क्षेत्र के बुधरामऊ गांव निवासी नन्हा चौरसिया ने दो दशक पहले शेषनाग की मूर्ति सिद्धपीठ जागेश्वर मंदिर में लगवाई थी। ग्रामीण शनिवार सुबह मंदिर में पूजा करने के लिए गए थे।
मंदिर से मूर्ति गायब देख ग्रामीणों ने अन्य लोगों को जानकारी दी। ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। गांव निवासी नन्हा चौरसिया ने बताया कि उन्होंने मुंबई से लाकर अष्टधातु की मूर्ति मंदिर में स्थापित करवाई थी।
ग्रामीणों की सूचना पर एसओ शिवमंगल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने मंदिर के पुजारियों से मामले की जानकारी ली। एसओ ने बताया कि मंदिर में प्रत्येक सोमवार को ही पूजा अर्चना के लिए शेषनाग की मूर्ति रखी जाती है।
सुरक्षा की दृष्टि से पुजारी ने मूर्ति को बक्से में रख दिया। पुजारी इस वक्त इलाहाबाद में हैं। उसके लौटते ही मूर्ति मिल जाएगी। जानकारी पर पता चला है कि मंदिर में एक किलो वजन तांबे की शेषनाग की मूर्ति भी है।
इसकी कीमत हजारों में होगी। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले मंदिर से 51 किलो का घंटा भी चोरी हो चुका है। धार्मिक स्थलों में तीन दिनों के अंदर लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। बिंदकी इलाके में दो दिन पहले मस्जिद से पाक किताबें और अन्य सामान की चोरी हुई थी।