मंडवा का विवाद बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को गांव
में मयफोर्स गश्त कर रहे डीआईजी पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। जवाब में
पुलिस ने हवाई फायरिंग की और आंसू गैस व रबर के गोले दागे। इस दौरा्न एक
युवक घायल हो गया। दोपहर बाद कमिश्नर और डीएम भी गांव में पहुंचे। कार्य
में लापरवाही बरतने के आरोप में सुल्तानपुर घोष थानाध्यक्ष को निलंबित कर
दिया गया है। मंडवा सहित आसपास के गांवों में तनाव की स्थिति देखते हुए
फोर्स तैनात कर दी गई है। उधर प्रतिमा विसर्जन और मोहर्रम के जुलूस के
रास्ते को लेकर मंडवा में तनाव की स्थिति है।
गुरुवार को रातभर पुलिस गश्त
करती रही। शुक्रवार सुबह इलाहाबाद रेंज डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव
थाना सुल्तानपुर घोष और फिर मंडवा गांव पहुंचे। वह मयफोर्स मंडवा के पड़ोस
के गांव बनियनपुर में जा रहे थे।
इस दौरान बनियनपुर, सलेमपुर, रतनसेनपुर,
चकमुबारकपुर, औझीपुर के ग्रामीण एकजुट हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर
दिया। पुलिस बल का नेतृत्व कर रहे डीआईजी के आदेश पर पुलिस ने हवाई फायरिंग
की।
आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां दागी। करीब आधे घंटे तक पुलिस और
ग्रामीणों के बीच बवाल चला। पुलिस ने गांव के बाहर नाकेबंदी कर दी। बवाल
में सलेमपुर निवासी महेंद्र सिंह पुत्र अतर सिंह लहूलुहान हो गया।
डीआईजी
भगवान स्वरूप श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस रूट मार्च में निकली थी। तभी
ग्रामीणों ने पथराव किया। जल्द ही हालात पर काबू पा लिया गया।
वहीं एसपी ओम
प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि घटना में थानाध्यक्ष प्रतिमा सिंह को
निलंबित कर दिया गया है। उनकी जगह एसआई मनीष पांडेय को तैनात किया गया है।
दोनों पक्षों के खिलाफ बलवे की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
दोपहर बाद
कमिश्नर राजन शुक्ला और डीएम राजीव रौतेला भी गांव में पहुंचे और स्थिति की
जानकारी ली। गांव में फोर्स तैनात है।
उधर घायल युवक को देखने जिला
अस्पताल पहुंची केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मंडवा प्रकरण
में प्रशासन पर निशाना साधा। कहा कि प्रशासन ने गंभीरता से काम नहीं किया,
जिसकी वजह से बवाल हुआ।