कोतवाल बिंदकी को शिकायती पत्र देती ठगी गई महिलाएं
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बिंदकी (फतेहपुर)। समूह बनाकर महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का झांसा देेकर एक समूह संचालिका लोगों के लाखों रुपये लेकर फरार हो गई। दो महीने से उससे संपर्क न हो पाने पर पीड़ित महिलाएं सोमवार को कोतवाली पहुंची। तहरीर देकर उन्होंने कार्रवाई की गुहार लगाई है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने संबंधित प्राइवेट बैंकों से स्टेटमेंट निकलाकर पड़ताल शुरू कर दी है। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के खजुहा कस्बा में बागबादशाही मोहल्ला निवासी महेश तिवारी की पत्नी बबिता दस साल से समूह संचालन का काम रही थीं। अच्छा ब्याज के साथ मूलधन वापस कराने का प्रपोजल देकर उसने विभिन्न प्राइवेट बैंक, कंपनियों से जुड़ा होने की बात कही। झांसे में आ जाने पर करीब तीन दर्जन महिलाओें को लेकर समूह मेें शामिल कर लिया। इनमें से किसी से 20 हजार जमा कराए तो किसी से 50 हजार।
कई साल तक समूह संचालिका महिलाओं को विश्वास में लेने के लिए उन्हें किस्तें पकड़ाती रहीं। इससे उसकी नीयत की ओर इनका ध्यान नहीं गया। दो महीने पहले यह महिला अपने पति के साथ घर मेें ताला लगा कर कानपुर के किसी मोहल्ले मेें जाकर शिफ्ट हो गई। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि लंबे समय से समूह संचालिका के दर्शन न होने, फोन पर भी संपर्क न होने से शक हुआ। उन्होंने बताया कि संचालिका ने बालाजी कास्मेटिक एंड रेडीमेड दुकान भी खोल रखी थी। जिस पर दो मोबाइल नंबर लिखे हैं। महिलाएं इन नंबरों को मिलाती रहीं लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। सोमवार को ठगी का शिकार हुई सीमा, सदाप्यारी, गयाश्री, संगीता, निर्मला, केसर, सियादुलारी, चंदा समेत दर्जन भर से ज्यादा महिलाएं कोतवाली पहुंची और न्याय की गुहार लगाई। कोतवाल आरके पांडेय ने बताया कि एचडीएफसी, सोनाटा, मार्ग दर्शक, यमुना समेत आधा दर्जन प्राइवेट बैंक कंपनियों से स्टेटमेंट जुटाए जा रहे हैं। इनकी पड़ताल शुरू कर दी गई है।
तोड़ दिया दुकान और घर का ताला
फतेहपुर। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि समूह संचालन करने वाली बबिता तिवारी शनिवार को रात में खजुहा आई और घर का सामान निकाल कर उसे अपने साथ कानपुर ले गई। जबकि इस बात को आरोपी संचालिका सिरे से खारिज करती हैं। अमर उजाला से फोन पर बबिता का कहना था कि वह निर्दोष है। झूठा फंसाया जा रहा है। वह समूह चलाती हैं, कागजों में उन्हीं के हस्ताक्षर होते हैं। इसी वजह से महिलाओं को लग रहा कि मैंने रकम डकार ली है। दूसरी ओर बबिता का यह भी कहना है कि उनकी गैरमौजूदगी में महिलाओं ने घरवालों की मदद से दुकान का ताला तोड़कर पांच लाख रुपये का सामान निकाल लिया। इसकी जानकारी के बाद वह खजुहा गई और स्थानीय पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई। चौकी इंचार्ज केसरी लाल ने तफ्तीश के बाद घर और दुकान पर ताला लगा कर उन्हें चाभी दी।