जहानाबाद बवाल की गाज आखिरकार आठवें दिन गिर ही गई।
एसपी ने थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया है। जिले में
डेरा डाले आला अधिकारियों के निर्देश पर एसपी ने यह कार्रवाई की। इस
सांप्रदायिक प्रकरण की आंच लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) की टीम पर भी आई
है। इसकी जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।
बता दें कि
जहानाबाद कस्बे में मकर संक्रांति जुलूस के दौरान जमकर बवाल हुआ था। हालात
सामान्य कराने में आला अफसरों को छह दिन लग गए। घटना के आठवें दिन पुलिस
अधीक्षक राजीव मल्होत्रा ने जहानाबाद एसओ प्रदीप कुमार सिंह को सस्पेंड कर
दिया। एसपी ने बताया कि इस बवाल के मामले में केवल स्थानीय पुलिस जिम्मेदार
नहीं है।
जिले भर की खास सूचनाओं के लिए एलआईयू को सतर्क रहना चाहिए।
एलआईयू की कोई रिपोर्ट पहले नहीं आई थी।
इसी वजह से एलआईयू प्रभारी और
सबंधित बीट प्रभारी की जांच के आदेश दिए गए हैं। सस्पेंड एसओ और एलआईयू की
जांच एएसपी आरके यादव को सौंपी गई है।
एसपी पीआरओ को मिली थानेदारी
संवेदनशील
जहानाबाद प्रकरण में सस्पेंड किए गए एसआई प्रदीप कुमार सिंह की जगह पर
जाफरगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कु मार को कमान सौंपी गई है। इसी क्रम में
जाफरगंज थाने का चार्ज एसपी पीआरओ अंजन कुमार सिंह को सौंपा गया है। एसपी
पीआरओ से पहले जिले में टीएसआई के पद पर रहे हैं। इससे पहले इलाहाबाद में
तैनाती के दौरान कई थानों के चार्ज रह चुके हैं। एसपी के नए पीआरओ
इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह होंगे।
थानेदार पर इन वजहों से गिरी गाज
- मकर संक्रांति जुलूस आयोजन से पहले पीस कमेटी की बैठक नहीं की
- दारागंज में बवाल के बाद ठीक से नियंत्रण नहीं पा सकी पुलिस
- जुलूस में नहीं हो सके मुकम्मल इंतजाम, नहीं तय था रूट चार्ट
- एलआईयू विभाग जहानाबाद की संवेदनशीलता को भांप नहीं सका