शबीना हत्याकांड के हत्यारोपी नसीम ने आखिरकार शबीना
का सिर तालाब से बरामद करा ही दिया। इसके लिए पुलिस को छह घंटे तालाब में
मशक्कत करनी पड़ी। इसे 36 घंटे की रिमांड पर लिया गया है। निशानदेही पर
पुलिस ने आला कत्ल छुरी व जेवरात भी बरामद कर लिए। अब आरोपी ने शबीना के
साथ प्रेम प्रसंग और हत्या करने की बात भी कबूल कर ली है।
बता दें कि
शबीना (25) अपने पति कौसर निवासी बंगेहटा कोतवाली देहात जिला बांदा के साथ
मुंबई के नारायणपुर में रहती थी। शबीना मूल रूप से ललौली थाना क्षेत्र के
सातआना की रहने वाली थी। उसके पिता शब्बीर कई सालों से परिवार के साथ मुंबई
के घाटकोपर थाना क्षेत्र में रहते थे। 14 जनवरी को शबीना घर से गायब हो गई
थी।
उसका 17 जनवरी को सराय गेट थाना ललौली में सिर कटा शव मिला था। मुंबई
पुलिस ने जांच के दौरान सातआना गांव के आरोपी नसीम को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने एक हफ्ते पहले आरोपी को कोर्ट के आदेश पर जिला जेल भेजा था। इधर,
ललौली थाना पुलिस ने कोर्ट से सिर की खोज के लिए गुरुवार को हत्यारोपी को
रिमांड पर लिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने घर के पीछे सातआना मोहल्ले
में स्थित तालाब में सिर फेंकने की बात कबूली। पुलिस ने सुबह दस बजे सात
गोताखोरों की टीम तालाब में उतारी। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद ईंट से
भरा झोला गोताखोरों ने निकाला। उसमें ही शबीना का गर्दन से अलग सिर बरामद
हुआ।
बाद में आरोपी की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल छुरी और शबीना के
लूटे जेवरात बरामद किए। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि वह अक्सर मुंबई जाता
था। वह चोरी छिपे शबीना से मिलने उसके घर जाता था। उसने शबीना को अपने
प्रेम जाल में जेवरात लूटने के लिए फंसाया था। उसने शबीना के साथ 14 जनवरी
की शाम को मुंबई से बांदा के लिए ट्रेन पकड़ी थी। बांदा से सीधे ललौली आ
गया था।
उसने 16 जनवरी की रात दो बजे कत्ल किया था। शबीना का सिर खोजने की
खबर पर तालाब के किनारे सैकड़ों की तादाद में ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।
पुलिस ने सख्त सुरक्षा घेरे में हत्यारोपी नसीम को क स्टडी में ले रखा था।
ग्रामीण बेरहम हत्यारोपी को भी मार डालकर तालाब में फेंकने की बात कहते
रहे। यह सुनकर पुलिस के कान खड़े हो गए। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने कई
थानों का फोर्स बुलाकर तैनात किया।