बिलंदा हाईवे मार्ग पर सर्राफ से लाखों की लूटकांड की घटना को अंजाम देने वाले गिरोह के सरगना को पुलिस ने गिरफ्तार कर घटना के खुलासे का दावा किया है।
मूलरूप से गाजीपुर निवासी शातिर पर दो दर्जन संगीन मुकदमे हैं। पुलिस ने शातिर के पूर्वांचल के एक बाहुबली विधायक से कनेक्शन होने का दावा किया है।
लूट की घटना में शामिल तीन सदस्य पुलिस की पकड़ से दूर हैं। लुटेरे की पहचान पीड़ित सर्राफा कारोबारियों ने की और लूटा माल की बरामद कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक सालिग राम वर्मा की सख्ती के बाद हरकत में आईं सर्किल सीओ वंदना सिंह और एसएचओ शुभ नारायण ने मंगलवार तड़के बब्लू ऊर्फ राजेश पुत्र परशुरामपुर निवासी देवकड़िया थाना जंगीपुर जिला गाजीपुर को तमंचा, कारतूस के साथ दबोचा।
एसएचओ ने बताया कि आरोपी ने अपने तीन साथियों महेश, विवेक और शानू की मदद से 22 जनवरी की सुबह बिलंदा के पास कार सवार सर्राफा कारोबारी प्रेम सोनी निवासी शांतीनगर और सोहन सोनी निवासी पनी को लूट लिया था। लुटेरे को भोर पहर हंसवा पीएचसी के पास से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने उसके पास एक कट्टा और गोलियां मिली। बदमाश की निशानदेही पर पुलिस ने लूटपाट की नकदी आठ हजार, सोने और चांदी के कुछ जेवरात बरामद किए हैं।
बदमाश की पहचान पीड़ित सर्राफ प्रेम सोनी ने की है। एसएचओ ने बताया कि बदमाश अपनी बहन के घर असोथर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर में तीन सालों से रह रहा था।
इसके खिलाफ असोथर थाने में डकैती समेत दो मुकदमे हैं। गाजीपुर जिले के नंदगंज, सादियाबाज, गाजीपुर शहर कोतवाली और फराजू थाने में गैंगेस्टर का वांछित है।
गाजीपुर जिले में हत्या, लूट, डकैती के दो दर्जन मुकदमे बदमाश वांछित है। बदमाश का कनेक्शन पूर्वांचल के एक बाहुबली विधायक से भी है। सुपारी लेकर मर्डर, डकैती, लूट की घटनाओं को शातिर तरीके से बदमाश अंजाम देता रहा है। इसके साथियों की तलाश की जा रही है।
इंसेट
सीओ के सिपाही की भूमिका संदिग्ध
जिले में एक सीओ के हमराही के पद पर तैनात एक सिपाही का बदमाश से कनेक्शन होने का खुलासा हुआ है। थाना पुलिस के मुताबिक सिपाही शातिर बदमाश की लगातार लोकेशन लेने में जुटा रहा। सिपाही ने यह बात भी पूछी है कि बदमाशों ने अपने साथियों में किसका नाम कबूला है। इन बातों से थाना पुलिस के रडार पर सिपाही आया है। पुलिस को लग रहा है कि सिपाही का बदमाश से कनेक्शन है। एसपी सालिग राम वर्मा ने बताया कि थाना पुलिस को लूट का खुलासे के लिये पुरस्कृत किया जायेगा। वहीं सिपाही के खिलाफ जांच शुरू कराई जायेगी।