कार शोरूम में लाखों के चोरी के मामले में पुलिस के मोलभाव के बाद तीसरी तहरीर पर 14 लाख का माल पार होने की रिपोर्ट दर्ज की है। दोपहर को करीब 35 लाख की चोरी की पहली तहरीर आई थी। 48 घंटे बीतने के बाद अभी पुलिस के हाथ खाली है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गोपाल नगर इलाके में रेनॉल्ट कार शोरुम के सर्विस सेंटर में बुधवार रात लाखों की चोरी हुई थी।
कानपुर से एचजीपी मोटर्स के मालिक हरप्रीत सिंह के आने के बाद मैनेजर टीसी बाजपेई ने पुलिस को दोपहर के तीन बजे तहरीर दी थी। मैनेजर ने बताया कि तहरीर में करीब 30 से 35 लाख की चोरी उन्हें लगी थी। पुलिस ने सारे सामान की कीमतें घटाकर दर्ज कराई। उसके बाद कुल कीमत 13 लाख 91 हजार 500 की सामान चोरी होने की रिपोर्ट लिखी गई। रिपोर्ट में पांच कंप्यूटर सिस्टम कीमत करीब दो लाख, तीन प्रिंटर तीस हजार, वर्किंग टूल ट्राली तीन सेट एक लाख 50 हजार , व्हील अलाएमेंट स्कैनर करीब 55 हजार, 25 हजार का आरओ, व्हीकल मशीन चार लाख 25 हजार, एसी लीकेज स्कैनर एवं डिटेक्टर एक लाख 25 हजार, आठ कार टायर करीब 32 हजार, टायर रिम चार हजार, डिजटिल कैमरा छह हजार 500, दो आनलाइन यूपीएस एक लाख 40 हजार, एलईडी टीवी 32 हजार, स्पेशल टूल्स दो लाख 80 हजार चोरी होना दर्ज हुआ।
मैनेजर ने रिपोर्ट में लिखाया है कि बाकी सामान का मिलान चल रहा है। जिसके बारे में पता लगने पर पुलिस को लिखित रूप से चोरी माल के बारे में बताया जाएगा। दूसरी ओर सीओ सिटी केडी मिश्रा का कहना है कि तहरीर के मुताबिक कार्रवाई की गई है। जो लिखकर दिया गया उसी पर कार्रवाई होगी। आगे और चोरी सामान का ब्योरा मिलेगा तो उसे भी बढ़ाया जाएगा। घटना की तफ्तीश की जा रही है। उधर, मैनेजर टीसी बाजपेई ने बताया कि 31 जनवरी की रात को चोरी हुई थी। महीने का कंप्यूटर में सारा लेखा जोखा था। नये कंप्यूटर लगने के बाद डाटा लोड होगा। इसके बाद चोरी स्पेयर पार्ट्स का पता लगेगा। चोरी पार्ट्स लाखों में हो सकते हैं। पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली ने भी घटनास्थल की जांच की। एसपी ने कोतवाली पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच, स्वॉट व सर्विलांस टीम को जांच के लिए लगाया है।
शोरूम से लाखों का माल उड़ा ले जाने वाले शातिर चोर पांच नंबर कैमरे को नहीं देख पाए थे। चोरी का माल समेट लेने के बाद उसी कैमरे के सामने एक बदमाश ने चेहरे से पट्टी उतार दी। सीसीटीवी फुटेज में साफ हुआ है कि कुछ देर बाद तीनों की नजर कैमरे पर पड़ी। तभी बड़ी कैंची लेकर आए और कैमरे की केबल काट दी। यह कैमरा कंप्यूटर केबिन में ऊंचाई पर दीवार के कोने में लगा था। शायद इसी वजह से चोरी करते समय चोर इस कैमरे को भांप नहीं पाए। एक चोर जेब से मोबाइल निकालते दिखा है। चोर का मोबाइल खुला रहा होगा तो पुलिस को सर्विलांस से सुराग मिल सकता है।
मैनेजर टीसी बाजपेयी ने बताया कि एक साल पहले शोरूम और सर्विस सेंटर खोला गया था। यहां से करीब चार सैकड़ा कारें बेंची जा चुकी है। बांदा, रायबरेली, कौशांबी तक के कस्टमरों को वे सेवाएं देते हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर पुलिस की कमान संभालने वाले एक साहब चोरी की रात कमरे से बाहर नहीं निकले। वह पूरी रात कमरे में आराम फरमाते रहे हैं। उनके सभी मोबाइलों के लोकेशन खंगाले जाएं तो सच उजागर हो सकता है।