प्रापर्टी डीलर मनोज शिवहरे से उनकी हत्या के बदले 30 लाख रुपये मांगने वाले तीनों युवक दबोच लिए गए। इन्हें पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने लोधीगंज बाईपास से पकड़ने का दावा किया है। फिरौती मांगने में प्रयोग हुए चार मोबाइल व एक अन्य सिमकार्ड को बरामद कर लिया गया है। एक सिमकार्ड इसने तोड़ कर फेंक दिया था। आरोपी प्रापर्टी खरीद फरोख्त में कमीशन एजेंट का काम करते हैं।
शहर के कलेक्टरगंज में आनंदपुरम नाथपुरी कालोनी निवासी मनोज शिवहरे प्रापर्टी के बड़े कारोबारी हैं। उन्होंने नौ जनवरी को कोतवाली में 30 लाख रुपये रंगदारी मांगे जाने और अपनी हत्या व बेटे के अपहरण की धमकी दिए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। क्राइम ब्रांच प्रभारी आरके यादव, कोतवाल महेश पांडेय, सर्विलांस प्रभारी राजेश सिंह की संयुक्त टीम ने गुरुवार भोर लोधीगंज के पास आरोपियों की गिरफ्तारी की। पुलिस लाइन में एसपी बलिकरन सिंह यादव ने आरोपियों को शाहरूख उर्फ सुजा अब्बास निवासी चौधराना, आदिल हुसैन निवासी दक्षिणी खेलदार, तौफीक अहमद निवासी मोहल्ला पनी कोतवाली का रहने वाला बताया। एसपी ने बताया कि आरोपियों को प्रापर्टी कारोबारी सीधे साधे व्यक्ति समझ में आए थे। इसी वजह से उन पर दबाव बनाकर बड़ी रकम वसूलने का प्लान बनाया था। आरोपियों के इसके लिए नया मोबाइल, दो सिमकार्ड फर्जी आईडी पर खरीदे थे। 30 जनवरी से आरोपियों ने मनोज के मोबाइल पर कॉल करनी शुरू की थी। शाहरूख और उसके साथियों का धमकी देने का अंदाज काफी गंभीर था। कॉल में आरोपी ने खुद को सुपारी किलर व शहर के चर्चित रस्तोगी डबल मर्डर को अंजाम देने का दावा किया था। कारोबारी को इसी वजह से सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई थी। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है। दूसरी ओर व्यापारी मनोज शिवहरे ने बताया कि आरोपी शाहरूख ने तीन माह पहले जमीन दिलाई थी। जिसका कमीशन भी शाहरूख को 75 हजार रुपये दो माह पहले दिया था। उसके बाद जरूरत बताने पर एक पखवारे पहले भी बीस हजार रुपये दिए थे। उन्हें अंदेशा नहीं था कि जिसे मजबूर समझकर वह मदद कर रहे हैं, वही शातिर निकलेगा।
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फतेहपुर। प्रापर्टी कारोबारी मनोज शिवहरे को धमकी देने के आरोपियों के अंदर काफी दिनों से खिचड़ी पक रही थी। तीनों आरोपियों में सभी की प्रापर्टी डीलर मनोज शिवहरे से व्यक्तिगत खुन्नस रही है। तब तीनों ने मिलकर रकम वसूली का प्लान बनाया। कारोबारी के नजदीकियों को दूर करना भी इनका मकसद था।
आरोपी शाहरूख ने बताया कि पूर्व चेयरमैन शब्बीर खान की कांशीराम कालोनी के पास करीब 70 लाख कीमत में जमीन का सौदा मनोज शिवहरे से कराया था। शाहरूख के मुताबिक, सौदे में मनोज से डेढ़ लाख का कमीशन तय था। मनोज रुपयों का लेनदेन सीधे नहीं करते थे। मनोज ने एक शख्स को कमीशन देने के लिए शामिल किया। उसने मुझे केवल 75 हजार रुपये दिए। दूसरी ओर मनोज का कहना है कि ऐसा नहीं है। उसे सिर्फ 75 हजार रुपये ही देने थे।
पनी मोहल्ला निवासी तौफीक इलाके के एक बड़े घराने से ताल्लुक रखता है। वह जलील अहमद का बेटा है। परिवार के लोग जिले के बड़े मछली कारोबारी हैं। मास्टरमाइंड आरोपी शाहरूख उर्फ सुजा अब्बास चौधराना मोहल्ले में किराए के घर पर रहता है। उसके पिता सैयद कमर अब्बास मूल रूप से इलाहाबाद के रहने वाले हैं। वह अपने पिता और परिजनों के साथ मारपीट करता था। उसने अपने पिता को मारपीट कर घर से निकाल दिया है। शाहरूख कानपुर की लड़कियों को लेकर भी चौधराना मोहल्ले एक माह पहले आया था। पुलिस की दबिश के दौरान भाग निकला था। दक्षिणी खेलदार निवासी आदिल बीए का छात्र है। उसके पिता मोहम्मद नादीम हुसैन ललौली में ग्रामीण बैंक की फ्रेंचाइजी का संचालन करते हैं।