ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हाल ही में शुरू हुई रोडवेज बस सेवा के चालक-परिचालक को शनिवार की सुबह प्राइवेट बस वालों ने घसीटकर पीटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। प्राइवेट बस एसोसिएशन सरकारी बस सेवा को परमिट देने के बाद से विरोध कर रहा था।
देवमई ब्लाक के मुसाफा गांव से एक रोडवेज बस यात्रियों को लेकर शहर आ रही थी। इसी रूट पर सफर कोच बस सर्विस की बस बिंदकी से शहर आ रही थी। कुंवरपुर के पास रोडवेज बस यात्रियों को बैठाने लगी। प्राइवेट बस ने रोडवेज बस को ओवरटेक किया और रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद चालक बिंदकी मीरखपुर निवासी रामबाबू (50) के सिर पर लोहे की रॉड मार दी। इससे वह लहूलुहान हो गए। परिचालक धनीराम को भी घसीटकर लात-घूसों से पीटा।
आरोपियों ने इस रूट पर चलने पर जान से मारने की धमकी दी। परिचालक ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने रोडवेज बस चालक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ओपी सोनकर समेत कई कर्मी मलवां थाने पहुंचे। पुलिस को कानपुर के घाटमपुर अरजहानी गांव निवासी परिचालक धनीराम ने तहरीर दी। एसओ अनूप सिंह आरोपियों की तलाश के शहर के बिंदकी बसअड्डे पहुंचे।
बस खड़ी मिलने पर उसे साथ ले गए। इसी दौरान प्राइवेट बस का खलासी आनंद मिश्रा उर्फ टेढ़ा भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। एसओ ने बताया कि खलासी, चालक और हेल्पर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सफर बस सर्विस के मालिक व बस यूनियन के अध्यक्ष फरहत अली का कहना है कि वे लोग विरोध प्रदर्शन पहले से ही नैतिक तरीके से कर रहे हैं। चालक और कंडक्टर ने गलती की है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। बाकी चालकों और कंडक्टरों को बैठक कर समझाया जाएगा।