दो पक्षों में मामूली विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। लाठी-डेंडों, धारदार हथियारों से लैस होकर दोनों पक्षों ने एक -दूसरे के घर पर हमला कर दिया। मारपीट में दोनों पक्षों के दर्जनों की संख्या में परिवारीजन घायल हो गए।
गंभीरावस्था में दो लोगों को पीएचसी व जिला अस्पताल से इलाहाबाद व कानपुर रेफर किया गया। बवालियों को रोकने के लिए एसपी, एएसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
एहतियातन गांव में दस थानों की पुलिस तैनात की गई है। दोनों पक्षों की ओर से मिली तहरीर पर कार्रवाई जारी है।
धाता कस्बा निवासी शिवराम सोनकर और पड़ोसी चौधरी गुलाब सिंह में जमीन के विवाद को लेकर रंजिश है।
बुधवार सुबह शिवराम अपने घर के बाहर लेटा था। तभी गुलाब ने शिवराम के भतीजे अवधेश से शराब मंगाई। इसी बात को लेकर शिवराम ने भतीजे को बुरा भला कहा।
यह सुनकर गुलाब सिंह सरिया लेकर उसे मारने पहुंच गया। शिवराम का पुत्र रामआसरे भी मौके पर पहुंच गया। उसने मामले को शांत किया। इसके बाद शिवराम ने थाने में शिकायत कर गी। पुलिस ने दोनाें पक्षों को बुलाकर सुलह समझौता करा दिया।
दोपहर के करीब बारह बजे गुलाब सिंह के परिवारीजनों ने लाठी डंडे और धारदार हथियारों से लैस होकर शिवराम के घर पर हमला बोल दिया।
हमले में शिवराम और उसके बेटे लवकुश समेत आधा दर्जन परिवारीजनों की पिटाई कर दी। पिटाई से लवकुश मरणासन्न हालत में पहुंच गया।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को पीएचसी में भर्ती कराया। जिला अस्पताल से लवकुश को कानपुर रेफर किया गया। घटना से नाराज शिवराम पक्ष के करीब तीन सैकड़ा लोग जमा हो गए। उन लोगों ने गुलाब सिंह के घर पर धावा बोल दिया।
गुलाब सिंह और उसके साले रिंकू, रिश्तेदार चंद्रभूषण निवासी शिवपुरी खखरेरू व घर की महिलाओं की पिटाई कर दी। इसमें रिंकू की हालत नाजुक देखकर डाक्टरों ने इलाहाबाद के लिए रेफर किया। पुलिस ने किसी तरह से गुलाब सिंह समेत परिवार को भीड़ से बचाकर सुरक्षित जगह में पहुंचाया। एसपी सालिग राम वर्मा, एएसपी रामप्रकाश सिंह, सीडीओ भवानी सिंह, एसडीएम खागा बलराम सिंह, सीओ खागा बृजभूषण सिंह, सीओ जाफरगंज निवेष कटियार, सीओ वंदना सिंह, महिला थाना फोर्स पीएसी और करीब दस थानों का फोर्स मौके पर तैनात किया गया है।