चुनावी रंजिश में रविवार सुबह असोथर थाने के
पुरबुजुर्ग गांव के दो पक्ष भिड़ गए। इनमें आधे घंटे तक कुल्हाड़ी, बांका,
लाठी-डंडे व चाकू चले। खूनी संघर्ष में एक की मौत हो गई और दर्जन भर से
ज्यादा लोग घायल हो गए। दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज हुई है। इनमें
24 आरोपियों पर बलवा, सेवेन सीएल एक्ट समेत संगीन धाराओं में कार्रवाई की
गई है। गांव में तनाव है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस-पीएसी तैनात
कर दी गई है। एएसपी आरके यादव और सीओ मदन सिंह ने भी मौका मुआयना किया।
हंसवा
ब्लाक के पुरबुजुर्ग गांव में शनिवार को मतदान हुआ था। यहां प्रधान पद पर
निवर्तमान प्रधान चंदन पाल और वीरेंद्र यादव ने चुनाव लड़ा है। आरोप है कि
वीरेंद्र यादव का समर्थन करने पर रूपनारायण सविता से चंदन पाल पक्ष रंजिश
मान रहा था। रविवार सुबह रूपनारायण का भाई गेंदालाल और रामरूप घर के बाहर
बैठे थे।
तभी चंदन पाल पक्ष के किसी सदस्य ने गेंदालाल से वोट न देने की
बात कही तो मारपीट शुरू हो गई। प्रधान पक्ष से कई लोग आ गए। इनमें आधे घंटे
खूनी संघर्ष हुआ। पुलिस के आने पर बवाल थमा।
झगड़े में एक पक्ष से
गेंदालाल, रूपनारायण, रामरूप व बीच बचाव में आए पड़ोसी रामगोपाल,
रामनारायण, राजू, आसू घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजा।
पीएचसी
से रिफर किए जाने पर गेंदालाल और रूपनारायण जिला अस्पताल लाए गए। जिला
अस्पताल से सर्जन डा. नरेश विशाल ने गेंदालाल को कानपुर रिफर कर दिया।
कानपुर के हैलट अस्पताल में इलाज के दौरान गेंदालाल (25) की मौत हो गई।
बवाल में प्रधान चंदन पाल के भाई चिम्मन, कंचन व अधेड़ हरीलाल, धीरेंद्र
पुत्र केशनपाल, शिवभोले, योगेंद्र, लवकुश पुत्र शिवभजन घायल हुए।
इसमें हरीलाल के पेट में चाकू लगा है। प्रधान की तहरीर पर
रूपनारायण पक्ष के 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। रूपनारायण की
तहरीर पर निवर्तमान प्रधान चंदन पाल समेत 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
की गई है।
एसओ शिवमंगल सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों पर हत्या के प्रयास,
बलवे, सेवेन सीएल एक्ट समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। प्रधान
पक्ष के खिलाफ गेंदालाल की हत्या का मुकदमा तरमीम होगा।